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Updated Sat, 27 Nov 2021 22:56 IST
ज्योतिषाशास्त्र के मुताबिक ज्योतिष में 27 नक्षत्र का जिक्र आता है जिसमें से एक है मृगशिरा. इस नक्षत्र को भगवान श्रीकृष्ण का ही एक स्वरूप माना गया है जो अगहन मास में आता है. इसलिए अगहन मास में भगवान श्री श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इस बात का जिक्र भगवत गीता में भी आता है. मान्यता है कि अगहन महीने में अगर में नियमित रूप से स्नान आदि कर तुलसी के पौधे में पानी दिया जाए और गायत्री मंत्र का जाप किया जाए तो श्रीकृष्ण को पाना सरल हो जाता है.
अगहन मास में यमुना नदी में स्नान करने की भी मान्यता है. अगहन मास में दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना गया है. अगर आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो अगहन मास में चंद्रमा को खुश करने के उपाय करें इससे चंद्रमा दोष कम हो जाता है या खत्म हो जाता है.
अगहन मास में क्या करना चाहिए?
-शंख में देवी लक्ष्मी का वास होता है और श्री हरि विष्णु भगवान भी इसे धारण करते हैं. इसलिए शंख की पूजा करें.
-घर में विराजमान लड्डू गोपाल को गंगा या यमुना जल से स्नान कराएं.
-अगर लड्डू गोपाल नहीं हैं तो शंख में जलभर के घर के मंदिर की परिक्रमा करें और घर के हर कोने में उस जल का छिड़काव करें. घर में सुख शांति रहेगी.
-भगवत गीता का पाठ करें. अगर आप पाठ नहीं कर सकते तो दर्शन मात्र से शुभ फल की प्राप्ति होगी.
इस तरह करें गोपाल की पूजा
-पूरे महीने भगवान गोपाल को गंगा या यमुना नदी के जल से स्नान कराएं.
-आप पंचामृत से भी गोपाल को स्नान करवा सकते हैं.
-स्नान कराने के लिए शंख में जल भरें और इससे स्नान कराएं.
-गोपाल को नए और सुंदर वस्त्र पहनाएं.
-गोपाल का सुंदर श्रृंगार करें और उन्हें सुगंधित फूल चढ़ाएं।
-गोपाल को चार बार दिन में भोग लगाएं और चार बार आरती भी करें.
-भोग लगाते समय घंटी जरूर बजाएं.
-गोपाल के साथ शंख की पूजा भी करें.
पूरे महीने ऐसा करने से गोपाल खुश होते हैं और घर में सुख शांति देते हैं.







