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Updated Mon, 17 May 2021 15:21 IST
कोविड अस्पताल विरोध से किसे क्या मिला ?
सिरसा। हिसार में हुई हिंसा से व्यथित पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष यतीन्द्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर कोविड अस्पताल, हिसार लोकार्पण का विरोध करने वाले लोग किसान नहीं हो सकते। लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न हो जाने के बाद किसानों द्वारा जबरदस्ती कोविड अस्पताल में घुसने की कोशिश करना एक अमानवीय कृत्य है, क्योंकि एक तरफ तो कोरोना संक्रमण से लोग अपनी जान गवां रहे हैं, कई घरों के चिराग बुझ गए हैं तो दूसरी तरफ किसानों के नाम पर घिनौनी राजनीति का खेल जारी है।
कृषि कानूनों का मुद्दा केंद्र सरकार एवम किसानों के मध्य है व इसका समाधान भी केंद्र सरकार व किसानों का विषय है। यतीन्द्र सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण एक विश्वव्यापी आपदा है, किसान नेताओं को तो इसमें सहयोग करना चाहिए।
यह भी उल्लेखनीय है कि कोरोना की दूसरी लहर गांवों में भी दस्तक दे चुकी है व ग्रामीणों-किसानों को बुरी तरह से प्रभावित कर रही है, ऐसे समय में कोविड अस्पतालों-प्रबंधन कार्यक्रमों का विरोध एवम हिंसा को ग्रामीण-किसानों के हित में तो कदापि नहीं कहा जा सकता।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों के कंधे का प्रयोग कर विपक्ष सत्ता की सीढ़ियां चढ़ना चाहता है, इस बात को देश व प्रदेश का जनमानस भलीभांति समझता है।
भारतीय जनता पार्टी कल की हिंसा में घायल हुए किसानों, मातृशक्ति व पुलिस कर्मियों के प्रति सहानुभूति एवं संवेदना प्रकट करती है।