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क्या आतंकवाद के प्रति नरम रुख रखती थी सपा सरकार? इन तथ्यों से समझें पीएम मोदी के आरोपों का आधार

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Updated Mon, 21 Feb 2022 0:36 IST

क्या आतंकवाद के प्रति नरम रुख रखती थी सपा सरकार? इन तथ्यों से समझें पीएम मोदी के आरोपों का आधार

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पीएम मोदी ने रविवार को चुनावी जनसभा को संबोधित किया. हरदोई के चुनावी मंच से पीएम नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट मामले में कोर्ट की तरफ से 38 दोषियों को फांसी की सजा और 11 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद सपा के कार्यकाल में आतंकवाद पर नरम रुख अपनाए जाने को लेकर बड़ा हमला किया.

पीएम मोदी ने कहा कि सपा सरकार हमेशा ही आंतकवाद पर नरम रुख रखती रही है. आइए जानते हैं कि आखिर ऐसे कौन कौन से मामले हैं जिन्हें लेकर अक्सर समाजवादी पार्टी सवालों के घेरे में रही है.

वाराणसी- शमीम अहमद उर्फ सरफराज (मुकदमा वापस हुआ- 05.03.2013)
वाराणसी के संकट मोचन मंदिर थाना लंका और रेलवे स्टेशन कैण्ट, थाना जी. आर. पी पर सिरियल बम विस्फोट हुए थे. शीतला घाट में एक झोले में प्रेशर कुकर में एक घड़ी लगा हुआ विस्फोटक भी बरामद हुआ था. शहर में हुए इन दोनों धमाकों में 28 लोगों की मौत हो गई थी और 101 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इस मामले में थाना लंका, रेलवे स्टेशन कैण्ट व थाना दशाश्वेघ पर अलग अलग मामले दर्ज हुए थे. घटनाओं में मुख्य आरोपी शमीम अहमद था जो कि हूजी का ऑपरेटिव था.

गोरखपुर- मो0 तारिक काजमी – (मकुदमा वापस- 05.03.2013)
गोरखपुर में 20/05/2007 को शाम 7 बजे बलदेव प्लाजा, जरकल बिल्डिंग व गणेश चौराहा पर सिरियल ब्लास्ट हुए थे. इससे तीनों ही जगहों पर भगदड़ मची जिससे लोगों को चोटें आईं. इस संबंध में थाना कैण्ट पर केस दर्ज किए गए थे. बाद में 5/03/2013 को राज्य सरकार ने मुकदमों को वापस ले लिया था, लेकिन न्यायालय ने मुकदमा समाप्त करने से मना कर दिया था और दोषियों को 20 साल की सजा सुनाई गई थी.

जनपद बिजनौर- अहमद हसन उर्फ बाबू- (मकु दमा वापस हुआ- 22.01.2013)
थाना नजीबाबाद पर 290/2002 धारा 3(1) 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया था. यह मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है. इस प्रकरण में आरोपी पर गोपनीय दस्तावेज बनाना, पासपोर्ट बनवाना व देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने जैसे आरोप थे. शासन द्वारा इस प्रकरण को 22.01.2013 को वापस लिया गया था.

जनपद लखनऊ
थाना वजीरगंज बनाम मुख्तार हुसैन, 2 मो0 अली अकबर, 3 अजीजुर्रहमान, 4 नौशाद हाफिज, 5 नूरल इस्लाम, 6 एडवोकेट एस0एम0 फरीदी, 07 मो0 शोएब फरीदी व 02 अन्य वकील. इस प्रकरण में अभियोग 07 अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में प्रेषित किया गया था.

1- मु0अ0सं0-221/2007 अंतर्गत धारा-115/120बी/121/121ए/122/124ए भा.द.वि. थाना हुसैनगंज
बनाम याकूब- अभियुक्तगण जेल न्यायालय सेदोषममुक्त किया गया.

2- म.अ.सं.-222/2007 अंतर्गत धारा-4/5 विस्फोटक पदार्थ अिधिनयम व 16/18/20/23 वि.वि.क्रि. अधिनियम. थाना हुसैनगंज बनाम याकूब- अभियुक्तगण दोषमुक्त

3- म.अ.सं.-220/2007 अंतर्गत धारा 121/121ए/122/115/120बी/124 भा.द.वि. थाना नाका लखनऊ
बनाम नासिर हुसैन

पुलिस को सूचना मिली थी कि हरकत-अल- इस्लामिक ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ युवकों को बांग्लादेश के रास्ते से पाकिस्तान अवैध रूप से भेजकर उग्रवादी गतिविधियों में प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें विस्फोटक सामग्री के साथ देश में भेजा गया है, जो हरिद्वार में कांवडियों पर अपना कह ढा सकते हैं. इसी क्रम में उक्त अभियुक्त नासिर हुसैन उर्फ आरिफ उर्फ मालूम उर्फ छोटू पुत्र हामिद हुसैन जनपद बिजनौर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2.35 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ तथा उससे संबंधित उपकरण डेटोनेटर, रिमोट आदि को बरामद किया गया था. इस संबंध में थाना नाका पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

4- इस प्रकरण में आरोप पत्र दिनांक 17.09.2007 को मा0 न्यायालय में दाखिल किया गया.अभियुक्तगणों को 20.03.2014 को दोषमुक्त किया जा चुका है.

5- मु0अ0सं0-221/2007 अन्तर्गत धारा-4/5 एक्प्लोसिव अधिनियम व 16/18/20/23 वि0वि0 क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम थाना नाका पर नासिर हुसैन के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।.

6- इस प्रकरण में आरोप पत्र दिनांक 18.09.2007 को मा0 न्यायालय में दाखिल किया गया.अभियुक्तगणों को 20.03.2014 को दोषमुक्त किया जा चुका है।

7- मु0अ0सं0-213/2000 अन्तर्गत धारा-121/121ए/122/123/124/124ए भा0द0वि0 व धारा-3 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम थाना कैसरबाग बनाम मुहम्मद कलीम पंजीकृत किया गया.

इस प्रकरण में अभियुक्तगणों को न्यायालय द्वारा दिनांक 10.04.2014 को दोषमुक्त किया जा चुका है.

(5) जनपद कानपुर-

1.मुअ0सं0-332/2009 अन्तर्गत धारा-115/120बी/419/420/467/468/471 भा0द0वि0 व 3/4/9 शासकीय गोपनीयता अधिनियम थाना सचेण्डी बनाम इम्तियाज अली पंजीकृत किया गया.

इस प्रकरण में शासन द्वारा दिनांक 18.04.2013 को मुकदमा वापस लिया गया.न्यायालय द्वारा मुकदमा समाप्त करने से मना कर दिया गया और अभियुक्तों को 23 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी गयी.

2- मु0अ0सं0-176/2009 अन्तर्गत धारा-120बी/115/121/121ए, 122/123 भा0द0वि0 3/4/9 शासकीय गोपनीयता अधिनियम व 14 विदेशी अधिनियम थाना बिठूर बनाम सितारा बेगम आदि पंजीकृत हुआ.

इस प्रकरण में शासन द्वारा दिनांक 18.04.2013 को मुकदमा वापस लिया गया.न्यायालय द्वारा मुकदमा समाप्त करने से मना कर दिया गया और अभियुक्तों को 07 वर्ष सश्रम कारावास व जुर्माना की सजा दी गयी.

3. मु0अ0सं0-124/2000 अन्तर्गत धारा-307/324/427/120बी/121/121ए/122 /123/124ए भा0द0वि0 3/5 वि0प0 अधिनियम थाना स्वरूपनगर बनाम अरशद पंजीकृत हुआ.
इस प्रकरण में शासन द्वारा दिनांक 18.04.2013 को मुकदमा वापस लिया गया.न्यायालय में मामला लम्बित है.

(6) जनपद रामपुर- 1 मकसूद, 2 जावेद उर्फ गुड्डू, 3 ताज मोहम्मद – (मुकदमा वापस- 18.04.2013)
इस संबंध में थाना गंज पर मु0अ0सं0 506/2002 अन्तर्गत धारा 121/121ए भा0द0वि0 व 1(ए))आतंकवाद निवारण अधिनियम-2002 (पोटा) उपरोक्त 03 अभियुक्तों क्रमशः मकसूद, जावेद उर्फ गुड्डू व ताज मोहम्मद के विरूद्ध पंजीकृत किया गया था.अभियुक्तों पर राष्ट्र विरोधी सूचना एकत्र कर विदेशों को भेजना व दस्तावेज तैयार करने का आरोप था.
यह प्रकरण शासन द्वारा विगत 18.04.2013 को वापस लिया गया, किन्तु मामला न्यायालय में अभी लम्बित है.

(7) जनपद बाराबंकी- तारिक काजमी व खालिद मुजाहिद – (मुकदमा वापस- 18.04.2013)

इस संबंध में थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 1891/2007 अन्तर्गत धारा 121/121ए,122/124ए/332 भा0द0वि0 4/5 वि0प0 अधिनियम 16/18/20/23 विधि विरूद्ध क्रिया-कालप अधिनियम उपरोक्त 02 अभियुक्तों तारिक काजमी व खालिद मुजाहिद के विरूद्ध पंजीकृत किया गया था.

यह प्रकरण शासन द्वारा विगत 18.04.2013 को वापस लिया गया, किन्तु मामला न्यायालय ने मुकदमा समाप्त करने से मना कर दिया.दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी गयी.

 

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