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11 May, 2026
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Updated Tue, 6 Apr 2021 7:57 IST
नई दिल्ली. उत्तर कोरिया कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा नहीं लेगा. देश के खेल मंत्रालय ने मंगलवार को ये जानकारी दी. इन खेलों का आयोजन पिछले साल ही होना था. लेकिन कोविड-19 के कारण दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार इन खेलों को टाला गया था. टोक्यो ओलिंपिक इस साल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होने हैं. ये 1988 के सियोल ओलिंपिक के बाद पहला मौका होगा, जब उत्तर कोरिया का दल ओलिंपिक में हिस्सा नहीं लेगा. तब उसने इन खेलों का बहिष्कार किया था.
उत्तर कोरिया के खेल मंत्रालय की वेबसाइट जेसन स्पोर्ट्स पर लिखा गया है कि ओलिंपिक समिति की एक बैठक 25 मार्च को हुई थी. इसमें खेल मंत्री किम गुक भी शामिल हुए थे. इसी में टोक्यो ओलिंपिक में खिलाड़ियों को न भेजने का फैसला लिया गया था. ऐसा खिलाड़ियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए किया गया है. इस मुश्किल वक्त में देश नहीं चाहता कि उसके एथलीट्स किसी तरह के खतरे में पड़े. कमेटी की बैठक में देश में प्रोफेशनल स्पोर्ट्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी को विकसित करने, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने और अगले पांच साल के स्पोर्ट्स रोडमैप जैसे कई और मुद्दों पर बातचीत हुई.
2018 में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक शिखर सम्मेलन के दौरान ओलिंपिक गेम्स की सह-मेजबानी के लिए सहमति जताई थी. लेकिन देशों के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट की वजह से 2019 में इस प्रस्ताव पर बातचीत बंद हो गई.
बता दें कि पिछले साल कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए उत्तर कोरिया ने बाहरी दुनिया से अपने संबंध लगभग खत्म कर लिए थे. तब उत्तर कोरिया ने ये दावा किया था कि उसके यहां कोरोना संक्रमण के मामले नहीं हैं. हालांकि, विशेषज्ञों ने उसके इस दावे पर संदेह जताया था कि देश में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया था. उस समय सभी विदेशी राजनयिक अपने देश लौट गए गए थे. क्योंकि पहले से प्रतिबंध झेल रहे देश के सामने कोविड-19 के कारण रोजमर्रा की चीजों की भी किल्लत हो गई थी.







