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Updated Fri, 30 Jul 2021 18:38 IST
हाल ही में कश्मीर के उस बड़े हिस्से में चुनाव हुए, जो पाकिस्तान के कब्जे में है. इसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहा जाता है. वैधानिक तौर पर ये हिस्सा भारत का ही है, जिस पर पाकिस्तान ने 70 सालों से कहीं ज्यादा समय से अवैध तौर पर कब्जा कर रखा है. भारत ने कभी इसको गंभीरता से वापस लेने की कोशिश नहीं की. इन चुनावों में पाकिस्तान की सत्ताधारी इमरान खान की पार्टी पर धांधली के आरोप लगे हैं लेकिन भारत ने इन चुनावों को खारिज कर दिया है. उसने दो टूक पाकिस्तान से फिर कहा है कि वो इन चुनावों को नहीं मानता. ये जमीन उसकी है और पाकिस्तान इसे खाली करे.
भारत को जब आज़ादी मिली, यानी 1947 में जम्मू-कश्मीर के राजा महाराज हरि सिंह के पास दो विकल्प थे. वो या तो अपनी रियासत को भारत में शामिल करें, या पाकिस्तान में. लेकिन यह फैसला कर पाने में हरि सिंह ने काफी समय लिया. इसी दौरान पाकिस्तान की तरफ वाले कश्मीरियों (मुस्लिम बहुल आबादी) ने हरि सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. इस विद्रोह से निपटने के लिए हरि सिंह ने भारतीय सेना की मदद मांगी, तो भारत ने उन्हें शर्तों पर मदद देने का भरोसा दिया.
शर्त के अनुसार जम्मू-कश्मीर को भारत के राज्य के तौर पर खुद को स्वीकार करना था और भारत को रक्षा, विदेश नीति और संचार जैसे कुछ हक देने थे. हरि सिंह ने इसे कबूल किया लेकिन तब तक विद्रोहियों ने एक बड़े हिस्से पर अपना कब्ज़ा कर लिया था. बाद में सियासत देखते हुए इस हिस्से के कश्मीरियों ने खुद को आज़ाद घोषित किया. तबसे ये इलाका आज़ाद कश्मीर या पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) कहलाता है.
भारत और पाकिस्तान दोनों ही इस हिस्से पर अपने अधिकार क्षेत्र का दावा करते रहे और कई बार कई तरह के दावे पेश किए जाते रहे. अब भी ये हिस्सा एक राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है. लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) है कैसा? वहां के लोग क्या करते हैं? कैसे जीते हैं? आइए 15 बिंदुओं में इस हिस्से के बारे में आपको बताते हैं.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर दो हिस्सों में बंटा हुआ है, औपचारिक तौर पर एक को जम्मू-कश्मीर और दूसरे को गिलगिट बाल्टिस्तान कहा जाता है. लेकिन, पाकिस्तान में इन दोनों हिस्सों को मिलाकर आज़ाद कश्मीर भी कहा जाता है.
ऐसे हैं हालात
– पाक अधिकृत कश्मीर में स्कूलों व कॉलेजों की कमी है, फिर भी यहां साक्षरता दर 72 फीसदी है.
– 2011 में, पीओके की जीडीपी 3.2 अरब डॉलर आंकी गई थी. इसके दक्षिणी ज़िलों से कई लोग पाकिस्तानी सेना में भर्ती किए जाते रहे हैं. यहां के अन्य इलाकों के लोग यूरोप और मध्य पूर्व में मज़दूरों का काम करने जाते हैं.
– आंकड़ों की मानें तो पीओके की हालत बेहद खराब है. यहां विकास नहीं हुआ है और इस इलाके पर पाकिस्तान का नियंत्रण होने के बावजूद इसे पिछड़ा रहने दिया गया है.
– पाकिस्तान यहां के लोगों को भारत के खिलाफ आतंकवाद के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है. मुंबई हमलों के दोषी अजमल कसाब की ट्रेनिंग मुज़फ्फराबाद में ही हुई थी. पिछड़ेपन और हाशिए पर धकेले जाने के कारणों से यहां पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा रहता है.







