राज्य
Updated Thu, 20 May 2021 22:01 IST
ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों द्वारा जीते हुये क्षेत्र पंचायत सदस्यों को दिया जा रहा है। लाखो रुपये का प्रलोभन
मथुरा। प्रदेश में भले ही ब्लाॅक प्रमुख चुनाव की तारीखों का एलान ना हुआ हो लेकिन ब्लाॅक प्रमुख बनने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशी विजयी बीडीसी नेता अन्य जीतने वाले बीडीसी प्रत्याशियों को अपने पाले में करने के लिए भरसक प्रयास में जुट गए हैं। अपने पक्ष में वोट डालने के लिए किसी को पुराने रिश्तों की दुहाई दी जा रही है। तो किसी को दोस्ती का हवाला दिया जा रहा है। तो कई बीडीसी सदस्यों को लाखों का प्रलोभन दिया जा रहा है। जनपद के विभिन्न ब्लाॅकों में बीडीसी सदस्यों को 50 हजार से लेकर 10 लाख रूपए तक का ऑफर दिया जा रहा है।
जनपद में सबसे अंतिम चरण में अप्रैल माह के अंत में त्रिस्तरीय चुनाव संपन्न कराए गए थे। इसके बाद 2-3 मई को मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। इसके बाद अभी तक जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव की घोषणा नहीं की गई है। इसका कारण कोरोना संक्रमण दौर माना जा रहा है। इसके बाद भी ब्लाॅक प्रमुख बनने के इच्छुक नेताओं ने अपनी दावेदारी ठोंक दी है। इसके लिए उन्होंने विजयी बीडीसी सदस्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। बीडीसी सदस्यों से संपर्क के दौरान उन्हें दोस्ती, रिश्तेदारी का हवाला दिया जा रहा है। तो कही लाखों रूपए का प्रलोभन दिया जा रहा है।
विजयी बीडीसी सदस्यों की मानें तो इस समय जनपद में सबसे अधिक ऑफर फरह ब्लाॅक के बीडीसी सदस्यों को दिया जा रहा है। फरह ब्लाॅक के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ब्लाॅक में सदस्यों को 10 लाख रूपए और बुलेट बाइक का ऑफर दिया जा रहा है। हालांकि अभी रेट तय नहीं हुआ है। अभी भी कई सदस्य मोलभाव तय करने में लगे हुए हैं। दीनदयाल धाम के निकट क्षेत्र के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने बताया कि उसे 2 लाख रूपए की टोकन मनी और दो लड़कियों की शादी का खर्च वहन करने का ऑफर मिला है। फरह क्षेत्र में ब्लाॅक प्रमुख पद के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप सिंह और विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह के नजदीकी ताल ठोंक रहे हैं।
राया ब्लाॅक में जीतने वाले एक बीडीसी सदस्य ने बताया कि बुलेट बाइक तो यहां भी दी जा रही है। लेकिन अभी यहां 5 लाख रूपए का ही ऑफर दिया जा रहा है। यहां भी टोकन मनी के रूप में एक से दो लाख रूपए दिए जा रहे हैं। शेष रूपया चुनाव जीतने के बाद देने के बाद का वादा किया जा रहा है।
नौहझील ब्लाॅक में भाजपा नेता की पत्नी एवं निवर्तमान ब्लाॅक प्रमुख सुमन राजेश चौधरी और निर्दलीय योगेश शर्मा उर्फ भूरा पंडित मैदान में हैं। उन्हें पर्दे के पीछे से रालोद, भाजपा एवं बसपा के कद्दावर नेताओं द्वारा भी समर्थन दिया जा रहा है। यहां सदस्यों को पांच से सात लाख रूपए का ऑफर दिया जा रहा है। अपने पक्ष में करने के लिए एक से दो लाख रूपए की टोकन मनी भी दे दी गई है।
छाता ब्लाॅक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की मानें तो यहां जनपद में सबसे कम ऑफर दिया जा रहा है। यहां सदस्यों को सिर्फ 50 हजार रूपए दिए जाने का ऑफर दिया जा रहा है। यहां निवर्तमान ब्लाॅक प्रमुख महेंद्र सिंह फिर से किस्मत आजमा रहे हैं। उनके सामने अभी तक किसी प्रतिद्वंदी की दावेदारी नहीं आई है। यहां बीडीसी सदस्यों को सबसे कम ऑफर मिलने की वजह यही कारण बताया जा रहा है।
मांट क्षेत्र में बसपा समर्थित रनवीर सिंह जाटव चुनावी ताल ठोंक रहे हैं। अभी तक उनके सामने किसी अन्य दल के प्रत्याशी ने दावेदारी नहीं की है। हालांकि यहां विजयी सदस्यों को दो लाख रूपए का ऑफर दिया जा चुका है।
नंदगांव ब्लाॅक में बीडीसी सदस्यों को एक लाख रूपए का ऑफर मिल रहा है। यहां भाजपा नेता नरदेव चौधरी की पत्नी सुंदरी ब्लाॅक प्रमुख पद के लिए मैदान में हैं। सदस्यों को टोकन मनी दिया जा रहा है।
गोवर्धन ब्लाॅक में निवर्तमान ब्लाॅक प्रमुख पीतम सिंह फिर से चुनावी मैदान में हैं। इनके 5 पारिवारिक सदस्यों ने क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में विजय हासिल की है। यहां किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में न होने के कारण अभी तक किसी बीडीसी को ऑफर नहीं दिया गया है। लेकिन फिर भी क्षेत्र में एक-एक लाख रूपए का ऑफर दिए जाने की चर्चाएं हैं।
बलदेव ब्लाॅक में रालोद नेता राजपाल भरंगर के पुत्र प्रतीक भरंगर, रालोद नेता रामवीर भरंगर के पुत्र अनिल भरंगर, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिकरवार के पुत्र यतेंद्र सिकरवार एवं पूर्व बसपा नेता भोला यादव की पत्नी चंद्रवती चुनावी मैदान में हैं। यहां क्षेत्र पंचायत सदस्यों को 5-5 लाख रूपए का ऑफर दिया जा चुका है। एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी तक पांच लाख रूपए का ऑफर मिल चुका है। हालांकि अभी कोई रेट तय नहीं है। अभी मोलभाव भी किया जा रहा है।
विकासखंड चौमुहां में प्रमुख समाजसेवी शोभाराम शर्मा की पत्नी जमुना शर्मा ब्लाॅक प्रमुख पद के लिए मैदान में हैं। अभी तक उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने चुनावी दावेदारी पेश नहीं की है। उम्मीद जताई जा रही है। कि यहां निर्विरोध चुनाव संपन्न हो जाएगा। शोभाराम शर्मा, इनकी पत्नी जमुना शर्मा एवं इनके छोटे भाई राजाराम शर्मा निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं। शोभाराम शर्मा के समर्थित एक अन्य प्रत्याशी गंगाराम भी निर्विरोध चुने गए हैं।
मथुरा ब्लाॅक में महिला अनुसूचित जाति के लिए सीट आरक्षित है। यहां प्रेम सिंह जाटव की पत्नी एवं भाजपा नेता नितिन दिवाकर की पत्नी चुनावी मैदान में हैं। यहां फिलहाल बीडीसी सदस्यों को एक-एक लाख रूपए टोकन मनी के रूप में दिए जा रहे हैं।
पंचायत चुनाव में कैबिनेट मंत्री के परिवार का दबदबा कायम
भाजपा हाईकमान द्वारा पार्टी के मंत्री, सांसद एवं विधायकों के परिजनों को पंचायत चुनाव में टिकट न देने का फरमान भले ही पार्टी के लिए महंगा साबित हुआ हो लेकिन पंचायत चुनाव में छाता क्षेत्र के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायन के परिजनों का दबदबा साफ नजर आ रहा है। बताया जाता है। कि मंत्री ने अपने पैतृक गांव सांचौली में ग्राम प्रधान का चुनाव निर्विरोध संपन्न करा दिया। अपने भाई स्व. लेखराज सिंह की पत्नी देववती के माध्यम से भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हराकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताया। अपने भतीजे नरदेव चौधरी की पत्नी सुंदरी एवं नरदेव चौधरी के साले महेंद्र सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जिताया। दोनों ही नंदगांव एवं छाता ब्लाॅक के ब्लाॅक प्रमुख पद के लिए प्रमुख प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। अभी तक इनके समक्ष किसी अन्य प्रत्याशी ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत नहीं की है। बताया जाता है। कि चौमुहां ब्लाॅक के ब्लाॅक प्रमुख पद पर कैबिनेट मंत्री के नजदीकी प्रमुख समाजसेवी शोभाराम शर्मा की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। राजनैतिक सूत्रों की मानें तो छाता क्षेत्र के तीनों ब्लाॅक में कैबिनेट मंत्री के समर्थित प्रत्याशियों की जीत तय मानी जा रही है। जानकार सूत्र यह भी दावा कर रहे है। कि जिस तरह के हालात हैं उस स्थिति में कोई प्रत्याशी इनके समक्ष नामांकन ही नहीं करेगा। तीनों ही ब्लाॅक क्षेत्रों में इन्होंने बहुमत से भी काफी अधिक सदस्यों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। जिससे प्रतीत होता है। कि इस बार पंचायत चुनाव में कैबिनेट मंत्री के तिलिस्म को तोड़ने में विपक्ष शायद ही कामयाब हो सके। हालांकि सपा, बसपा और रालोद के नेताओं द्वारा सभी ब्लाॅक सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन यह दावे कितने हकीकत साबित होंगे यह आने वाला वक्त तय करेगा।
रिपोर्ट- प्रताप सिंह