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10 May, 2026
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Updated Wed, 11 Aug 2021 17:14 IST
काबुल: अफगानिस्तान में लगातार मजबूत हो रहे तालिबान से देश की आधी आबादी को खतरा हो गया है. दरअसल अमेरिकी फौज (US Army) की वापसी के बाद धीरे-धीरे अफगानिस्तान के कई शहर सरकार के हाथ से निकलकर तालिबानियों के कब्जे में जा चुके है. फिलहाल तो तालिबान के हालिया फरमान से देश की महिलाओं और बच्चियों पर खतरा बढ़ गया है. वहीं दुनिया भर के महिला संगठनों और मानवाधिकार संस्थाओं की चिंता भी बढ़ गई है.
तालिबानी नेता अफगानिस्तान औरतों का अपहरण करने और उनके साथ जबरदस्ती शादी कर सेक्स स्लेव (Sex Slave) बनाने का काम भी कर रहे हैं. पहले तालिबानी आतंकी सिर्फ महिलाओं को शरिया कानूनों पर चलने को कहते थे लेकिन उनकी हालिया हरकत इराक और सीरिया में मौजूद इस्लामिक स्टेट के कट्टर आतंकवादियों की करतूत से मिल रही है. जो महिलाओं को सेक्स गुलाम बनाने के लिए पहले से बदनाम रहे हैं.
पिछले महीने खुलासा हुआ था कि तालिबान ने कब्जे वाले इलाके में मौजूद इमामों से क्षेत्र की 15 साल से ऊपर की लड़कियों और 45 साल की उम्र से कम की विधवाओं की लिस्ट बनाकर तालिबान को सौंपने को कहा था ताकि वो अपने लड़ाकों की शादी इन महिलाओं से करा सके. लेकिन अब रिपोर्ट्स में सामने आया है कि तालिबान जोर-जबरदस्ती और किडनैपिंग के सहारे अफगानिस्तान की महिलाओं को उठा रहे हैं.
तालिबान के कब्जे वाले क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए काफी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं और शरीया कानून के चलते उनकी आजादी पर प्रतिबंध लग सकता है. शरीया कानून के मुताबिक महिलाएं को घर के बाहर निकलने के लिए किसी पुरुष का साथ जरूरी होता है.







