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Updated Fri, 16 Jul 2021 0:00 IST
नई दिल्ली:
दोषियों को जमानत मिलने पर रिहाई में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. इसे लेकर शुक्रवार को सुनवाई होगी. CJI एन वी रमना, जस्टिस नागेश्वर राव और जस्टिस ए एस बोपन्ना की बेंच सुनवाई करेगी. दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आगरा सेंट्रल जेल में बंद 13 दोषियों को तत्काल अंतरिम जमानत दी थी. आदेश 8 जुलाई को पारित किया गया था, लेकिन दोषियों को जेल से बाहर नहीं आ पाए. क्योंकि जेल अधिकारी कह रहे हैं कि उन्हें आदेश की प्रमाणित प्रति डाक से नहीं मिली है. अपराध करने के समय किशोर होने के बावजूद दोषियों ने 14 से 20 साल जेल में बिताए थे.
वहीं, आज राजद्रोह की IPC की 124 A की चुनौती देने की नई याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र पर बड़ा सवाल है. CJI एनवी रमना ने कहा कि राजद्रोह कानून (Sedition Law) का इस्तेमाल अंग्रेजों ने आजादी के अभियान को दबाने के लिए किया था, असहमति की आवाज को चुप करने के लिए किया था. महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक पर भी ये धारा लगाई गई, क्या सरकार आजादी के 75 साल भी इस कानून को बनाए रखना चाहती है? SC ने कहा कि इसके अलावा राजद्रोह के मामलों में सजा भी बहुत कम होती है. CJI ने कहा कि इन मामलों में अफसरों की कोई जवाबदेही भी नहीं है.







