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10 May, 2026
राज्य
Updated Tue, 11 May 2021 22:19 IST
मुंबई: मुंबई में मनसुख हिरेन और एंटीलिया केस में आरोपी सचिन वझे को मंगलवार को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. वझे मुंबई पुलिस में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था.
बताते चलें कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई के आवास के पास विस्फोटक से भरी एक एसयूवी बरामद हुई थी. उसके बाद रहस्यमय तरीके से मुंबई के कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या हो गई. इन दोनों मामलों की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सचिन वझे को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था. उसके बाद मुंबई पुलिस ने उसे निलंबित कर दिया था.
मुंबई पुलिस ने कहा कि पुलिस आयुक्त हेमंत नंगराले के आदेश पर सचिन वझे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘एपीआई सचिव हिन्दुराव वाजे को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. बृहन्नमुंबई के पुलिस आयुक्त ने भारत के संविधान के प्रावधान 311 (2) (बी) के तहत इस आशय का आदेश जारी किया है.'
महाराष्ट्र कैडर के 1990 बैच के अधिकारी वझे को ‘एनकाउंटर कॉप’ के नाम से भी जाना जाता था. हिरासत में एक आरोपी की मौत के मामले में 16 साल तक सस्पेंड रहने के बाद जून 2020 में बहाल हुआ था. इसके बाद उसे अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) के प्रमुख के पद पर पर तैनात किया गया था.
नियुक्ति के बाद से सचिन वझे फर्जी टीआरपी, फर्जी सोशल मीडिया फॉलोवर्स, डीसी कार फाइनेंस घोटाला और अंबानी सुरक्षा मामला सहित कई महत्वपूर्ण/हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रहा था. इसके बाद एसयूवी और मनसुख हिरेन मर्डर केस में गिरफ्तारी होने के बाद 13 मार्च 2021 से वह सस्पेंड चल रहा था.
उधर महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. राज्य पुलिस की CID ने परमबीर सिंह ने शिकायत करने वाले सोनू जालान को बयान देने के लिए सम्मन जारी किया है. उन्होंने शिकायतकर्ता को बेलापुर में बने CID ऑफिस में पेश होने का हुक्म दिया है.
पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ ठाणे पुलिस भी जांच कर रही है. जिले के डीसीपी क्राइम ने सोनू जालान और दूसरे कारोबारियों को पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए कहा है.
बताते चलें कि परमबीर सिंह ने उद्धव सरकार से हटाए जा चुके महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर सचिन वझे के जरिए राज्य में 100 करोड़ रुपये की मासिक उगाही करवाने का आरोप लगाया था. उन्होंने इस मामले में बंबई हाई कोर्ट में भी अर्जी दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने सीबीआई जांच का आदेश जारी कर दिया.
इसके बाद से परमबीर सिंह के खिलाफ राज्य सरकार ने जांच शुरू करवा दी है. मूल रूप से फरीदाबाद जिले के रहने वाले परमबीर सिंह इस समय महाराष्ट्र में डीजी के पद पर तैनात हैं.







