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10 May, 2026
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Updated Wed, 10 Nov 2021 21:09 IST
नई दिल्ली: देश की राजधानी में प्रदूषण का स्तर वर्तमान में सबसे गंभीर श्रेणी में है. यह पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) की वह श्रेणी है, जिसे 'बहुत अस्वस्थ' हवा कहा जाता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक इसका अर्थ है कि सभी को, विशेष रूप से सांस की बीमारियों वाले लोगों को बाहरी गतिविधि और व्यायाम से बचना चाहिए.
दिवाली के बाद बढ़ा प्रदूषण
दिवाली पर पटाखों की वजह से पिछले हफ्ते से हवा में कण प्रदूषण बढ़ गया. सरकार पानी के टैंकरों और स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए प्रदूषण कम करने की कोशिश कर रही है.
ईंट भट्टों या कुछ बिजली उत्पादकों जैसे वायु प्रदूषण पैदा करने वाले विशिष्ट उद्योगों को उत्पादन बंद करने या धीमा करने का आदेश दिया गया था. शनिवार को तेज हवाओं ने कुछ राहत तो दी, लेकिन फिर भी प्रदूषण के स्तर में खास सुधार नहीं आया है.
5 से 7 नवंबर तक ज्यादा था प्रदूषण
शहर में अमेरिकी दूतावास द्वारा रिपोर्ट किए गए डेटा से पता चलता है कि हाल के दिनों में PM2.5 (वायुमंडलीय कण पदार्थ जिसका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर से कम है) का स्तर कितना खतरनाक रूप से ऊंचा हो गया था.
सबसे खराब रीडिंग शुक्रवार से रविवार तक, दिवाली के सीधे बाद के दिनों में थी, जिसमें ईपीए श्रेणी 'खतरनाक' में पीएम2.5 का स्तर 300 से ऊपर था.







