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11 May, 2026
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Updated Tue, 4 May 2021 0:16 IST
दुनिया की बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में शामिल फाइजर भारत में फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन को जल्द स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार से बातचीत कर रही है। इस वैक्सीन को स्वीकृति मिलने के बाद कंपनी इसकी सप्लाई करेगी।
फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बोरेला ने कहा, "कंपनी को पता है कि महामारी का मुकाबला करने के लिए वैक्सीन मिलना जरूरी है। दुर्भाग्य से, हमारी वैक्सीन भारत में रजिस्टर्ड नहीं है, जबकि हमने इसके लिए कई महीने पहले आवेदन किया था। हम अभी सरकार से देश में इस वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल्द स्वीकृति देने पर बातचीत कर रहे हैं।"
पिछले महीने फाइजर ने अपनी कोरोना वैक्सीन को सरकार के टीकाकरण अभियान के लिए बिना मुनाफे वाली कीमत पर उपलब्ध कराने की पेशकश की थी।
फार्मा रेगुलेटर की लोकल सेफ्टी से जुड़ी स्टडी की शर्त को पूरा करने में नाकाम रहने के बाद फाइजर ने फरवरी में भारत में अपनी कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी में इस्तेमाल के लिए स्वीकृति देने के आवेदन को वापस ले लिया था।
लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं और फाइजर इस वैक्सीन के इम्पोर्ट के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से सीधे अनुमति मांगने के लिए योग्य बन गई है क्योंकि सरकार ने हाल ही में वैक्सीन को स्वीकृति देने से जुड़ी शर्तों में छूट दी है।
फाइजर की इस वैक्सीन को USFDA और EMA जैसे विदेश के रेगुलेटर्स से स्वीकृति मिली हुई है।
कंपनी ने बताया है कि वह अमेरिका, यूरोप और एशिया में अपने डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स से भारत को सात करोड़ डॉलर की दवाएं भेजेगी। ये दवाएं कोरोना के इलाज के लिए भारत में अनुमति वाले प्रोटोकॉल में शामिल हैं।







