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11 May, 2026
राज्य
Updated Sat, 24 Apr 2021 21:20 IST
पटना. यह सही है कि बिहार में कोरोना विकराल रूप लेता जा रहा है. लेकिन वहां के आइसोलेशन सेंटर में बेड खाली हैं. दरअसल, सरकार द्वारा बनाए गए इन आइसोलेशन सेंटर्स की जानकारी जनता को नहीं है. जिसका नतीजा है कि लोग बीमार होने पर सरकारी और निजी हॉस्पिटल की दौड़ लगा रहे हैं और इन अस्पतालों में इसकी वजह से जगह की किल्लत हो चुकी है. अधिकतर निजी अस्पतालों ने 'जगह नहीं' का बोर्ड लगा दिया है. मरीजों को एडमिट नहीं किया जा रहा. इस तरह से बड़ी संख्या में मरीज बिना इलाज मर रहे हैं. राजधानी पटना की स्थिति तो और भी खराब है. अगर मरीज अस्पताल में भर्ती हो भी गया तो ऑक्सीजन और आवश्यक दवाएं नहीं मिल रहीं.
ये हैं सरकारी आइसोलेशन सेंटर
जानें पटना जिले में आइसोलेशन सेंटर की स्थिति
होटल पाटलिपुत्रा अशोका आइसोलेशन सेंटर---------160 बेड-----भर्ती 47 मरीज------113 बेड खाली
कंगन घाट आइसोलेशन सेंटर---------------------------100 बेड-----भर्ती 19 मरीज-------81 खाली बेड
बाढ़ आइसोलेशन सेंटर-------------------------------------40 बेड-----भर्ती 13 मरीज-------27 खाली बेड
राधा स्वामी सत्संग भवन आइसोलेशन सेंटर ------------50 बेड-----भर्ती 01 मरीज-------49 खाली बेड
एसडीएस मसौढ़ी आइसोलेशन सेंटर---------------------25 बेड-----भर्ती 04 मरीज-------24 बेड खाली
ऑक्सीजन और दवा के साथ-साथ डॉक्टर-नर्स भी उपलब्ध
पटना के आइसोलेशन सेंटरों का यह आंकड़ा है. इनमें से ज्यादातर आइसोलेशन सेंटर में बेड खाली हैं. पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह का भी मानना है जो लोग हॉस्पिटल के चक्कर में इधर-उधर भटक रहे हैं, वे समय रहते अपने मरीज को आइसोलेशन सेंटर में भर्ती करवाएं. यहां ऑक्सीजन और दवा के साथ-साथ डॉक्टर और नर्स भी 24 घंटे मौजूद हैं.







