• Sun, 10 May, 2026
Farm Law Repeal पर हिंद मजदूर किसान समिति ने कहा - अपनी हार पर खुश हो रहे किसान

ताज़ा खबरें

Updated Sun, 21 Nov 2021 22:49 IST

Farm Law Repeal पर हिंद मजदूर किसान समिति ने कहा - अपनी हार पर खुश हो रहे किसान

मेरठ. एक तरफ कृषि कानून वापसी के ऐलान के बाद किसानों का एक वर्ग ख़ुश होकर ​मिठाइयां बांट रहा है, तो वहीं दूसरी ओर मेरठ में हिन्द मजदूर किसान समिति ने इस निर्णय को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की है. हिन्द मजदूर किसान समिति के प्रवक्ता नीरज ने कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रमोहन के अनुसार इन तीन कृषि कानूनों की वापसी राजनीति की जीत है और किसानों की हार है. इससे देश के लिए खतरा पैदा हो गया है. उन्होंने कहा कि इससे बिल वापस कराने वालों, तीन तलाक के कानून को वापस कराने वालों, 370 लागू कराने वालों और 26 जनवरी का अपमान करने वालों के हौसले बुलंद होंगे.

हिंद मज़दूर किसान समिति के मुताबिक, राजनीति की जीत का अर्थ है कि सरकार ने विपक्ष से उनका मुख्य मुद्दा छीन लिया और पूरी तरह खत्म कर दिया. विदेशी इस आंदोलन की आड़ में देश विरोधी माहौल बनाना चाहते थे, उसे पूरी तरह खत्म कर दिया. इममें किसानों की हार इसलिए है कि किसानों की खुशहाली का ये पहला सकारात्मक कदम था, वह कदम सरकार ने पीछे ले लिया. जिन मांगों को लेकर किसान पिछले कई वर्षों से प्रयास कर रहे थे, ये उसकी शुरुआत थी, जो अब खत्म हो गई है. किसान खुशहाली की तरफ बढ़ना शुरू होता लेकिन वह उम्मीद अब खत्म हो गई.

हुड़दंगियों के हौंसले होंगे बुलंद

हिंद मज़दूर किसान समिति के पदाधिकारियों के अनुसार केन्द्र सरकार के इस कदम से हुड़दंगियों के हौसले बुलंद हो जाएंगे. ये एक गलत परम्परा की शुरूआत भी है कि कोई भी 8-10 हजार आदमी इकट्ठा करो, 26 जनवरी का अपमान करो, हुडदंग करो और किसी भी कानून को वापस करवा लो. जो किसान इस बिल के समर्थन में थे वे भी हिन्दुस्तान के किसान थे, वो कोई मंगल या चांद पर खेती करने वाले किसान नहीं थे. एमएसपी की गारंटी के साथ इस बिल के समर्थन में हिन्दुस्तान के 99% किसान थे. मुट्ठीभर लोगों की हठ के लिये ये बिल वापस हुआ है लेकिन 99% किसानों की उपेक्षा की गयी है.

आखिर क्यों दी किसानों के हठ को तवज्जो
हिंद मज़दूर किसान समिति ने सरकार से पूछा है कि मुट्ठीभर हुड़दंगियों की हठ के सामने 99% किसानों की उपेक्षा क्यों की गयी है? हिंद मज़दूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रमोहन के अनुसार एमएसपी की गारंटी के साथ ये तीनों कानून आजादी के बाद सबसे अच्छा कदम था. आजादी के 75 वर्षां में ये पहला कानून बना था जिससे किसान खुशहाल होते. इसमें केवल एक एमएसपी की गारंटी का कानून जोड़ने की आवश्यकता थी, कानून वापिस लेने की नहीं.

 

Latest news