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10 May, 2026
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Updated Sun, 11 Jul 2021 14:00 IST
तकनीक के मामले में चीन का कोई तोड़ नहीं है. कभी इंजीनियरिंग तो कभी बायोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट (China collecting genetic data of unborn baby) के मामले में चीन दुनिया को हैरान कर देगा. चीन का ऐसा ही एक एक्सपेरिमेंट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. चीन अब मां के गर्भ के अंदर ही अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने का इंतजाम कर लिया है. बेहद पर्सनल माने जाने वाले अनबॉर्न बच्चों के डीएनए (China is doing Biological Experiments) का भी डेटा चीन इकट्ठा कर रहा है, ताकि वो इनकी Gene Correction कर सके.
इस तरह के एक्सपेरिमेंट के ज़रिये चीन की कोशिश अपनी सेना को सुपर सोल्जर्स में बदल रहा है. न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक चीनी पेरेंटल कंपनी BGI Group और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People's Liberation Army) इस प्रयोग के लिए एक साथ काम रहा है. BGI ग्रुप की स्टडी के मुताबिक ब्रेन सर्जरी के माध्यम से ऊंचाई पर तैनात सैनिकों की सुरक्षा के लिए जीन और दवाओं ( Gene Correction Of Soldiers) पर चर्चा की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चीन दुनिया के कई देशों की गर्भवती महिलाओं के जेनेटिक डेटा (China Research to edit Gene of unborn babies) पर रिसर्च कर रहा है. ये डेटा उसे BGI ग्रुप की ओर से मिल रहा है, जो 50 से ज्यादा देशों में पेरेंटल टेस्ट की सर्विस देता है .
भारत समेत अमेरिका तक को खतरा
चीन का ये बायोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन गया है. आशंका जताई जा रही है कि चीन इस तरह के डेटा पर अध्ययन करके अनुवांशिक तौर पर ही काफी उन्नत और जांबाज सैनिक तैयार कर सकता है. हालांकि अध्ययन का मकसद सैनिकों के जीन में परिवर्तन करके उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करना बताया गया है, लेकिन चीन की चालाकी को लेकर भारत ही नहीं अमेरिका भी आशंकित है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने चेतावनी देते हुए साफ किया है कि BGI Group जिस तरह महिलाओं के जीनोमिक डेटा का आर्टिफिशियन डेटा के साथ अध्ययन कर रहा है, उसका फायदा चीन सैनिक और आर्थिक स्तर पर उठा सकता है. ये खतरा इतना बड़ा हो सकता है कि चीन फार्मा की ग्लोबल इंडस्ट्री पर भी कब्जा कर ले.
अलग-अलग देशों की महिलाओं के गर्भ पर रिसर्च







