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10 May, 2026
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Updated Thu, 25 Nov 2021 21:26 IST
अंतरिक्ष के मौसम पर नजर रखने वाले अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के वैज्ञानिकों ने हैरान करने वाली जानकारियां दी हैं. नासा के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सूर्य के सतह यानी कोरोना (Sun outer surface) पर एक बड़ा छेद देखा गzया है. इस छेद से लगातार आवेशित कणों की बौछार हो रही है. इन कणों के इस हफ्ते के अंत में पृथ्वी के वायुमंडल से टकराने की संभावना है.

नासा (NASA) की सोलर डायनेमिक ऑब्जर्वेटरी ने सूर्य के बाहरी वातावरण में बड़े 'कोरोनल होल' का पता लगाया है. स्पेसवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वजह से पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर में कुछ मामूली भू-चुंबकीय हलचल हो सकती है. पृथ्वी की ओर बढ़ने वाली धारा से ध्रुवीय क्षेत्रों में अरोरा प्रभाव उत्पन्न हो सकता है. इससे उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के आसमान में हरे रंग की रोशनी देखने को मिल सकती है.

नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर के एक प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर बिल मुर्तघ ने बताया कि पिछले कई वर्षों में हमने सूरज में काफी कम हलचल देखी है. ऐसा अधिकतर सोलर मिनिमम के दौरान ही होता है, लेकिन अब हम सोलर मैक्सिमम की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ये साल 2025 में सबसे अधिक तेज होगा.

सौर तूफान के कारण धरती का बाहरी वायुमंडल गर्म हो सकता है जिसका सीधा असर सैटेलाइट्स पर पड़ सकता है. इससे जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटेलाइट टीवी में रुकावट पैदा हो सकती है. पावर लाइन्स में करंट तेज हो सकता है जिससे ट्रांसफॉर्मर भी उड़ सकते हैं. हालांकि आमतौर पर ऐसा कम ही होता है क्योंकि, धरती का चुंबकीय क्षेत्र इसके खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है.

आमतौर पर सूर्य के आस पास मैग्नेटिक एक्टिविटी होती रहती है जिसकी वजह से सौर तूफान आते हैं. उन सौर तूफानों की वजह से छेद तो होते हैं लेकिन वो स्वत: ही खत्म हो जाते हैं. लेकिन, सूर्य पर बना यह छेद, जो लगातार बढ़ता जा रहा है यह वैज्ञानिकों के लिए दिक्कतें पैदा कर रहा है.







