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जानें, इस रफ्तार से कब पूरा होगा भारत में वैक्सीनेशन, अमेरिका में 4 जुलाई तक 70 प्रतिशत लोगों को टीका

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Updated Mon, 10 May 2021 23:03 IST

जानें, इस रफ्तार से कब पूरा होगा भारत में वैक्सीनेशन, अमेरिका में 4 जुलाई तक 70 प्रतिशत लोगों को टीका

नई दिल्ली : दुनिया के लगभग सभी देशों में जनता को कोरोना वैक्सीन लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका की 70 फीसद आबादी का 4 जुलाई तक वैक्सीनेशन हो जायेगा. लेकिन भारत में कोरोना के वैक्सीनेशन की रफ्तार अभी रेंग रही है. ऐसे में लोगों के मन में भी ये सवाल आ रहा होगा कि  इतनी आबादी का वैक्सीनेशन कब खत्म होगा.  देश में कोरोना वैक्सीन की पूरी प्रक्रिया खत्म होने में अभी कितना और समय लगेगा. सबसे ज्यादा किस वैक्सीन का इस्तेमाल होगा. आज हम आपको इन सारे सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे.  देश के कई राज्यों से वैक्सीन की कमी की खबर लगातार आ रही हैं. वैक्सीनेशन तभी संभव होगा जब वैक्सीन की कमी पूरी होगी. अमेरिका में 70 फीसद आबादी का वैक्सीन 4 जुलाई तक होने की खबर है, भारत की आबादी अमेरिका से चार गुना ज्यादा है. अगर सिर्फ भारत के 70 फीसद आबादी के वैक्सीनेशन की बात करें तो इसमें 97 करोड़ लोग आते हैं.  वैक्सीनेशन का दो डोज एक व्यक्ति को दिया जा रहा है ऐसे में साफ है कि  हमें 194 करोड़ वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी.

कहां से आएगी कितनी वैक्सीन

देश में हम इसे दो वैक्सीन के आधार पर समझते हैं सबसे पहले जिक्र करते हैं कोविशील्ड का. सरकार ने अदार पूनावाला से वैक्सीन बनाने में तेजी की अपील की है. अगले तीन महीनों में 11 करोड़ कोविशील्ड वैक्सीन मिलेगी. अगर इसी आंकड़े को जारी रखा जाता है तो मार्च 2022 तक 44 करोड़ कोविशील्ड वैक्सीन मिलेगी. इसी तरह वैक्सीन के अलग- अलग आंकड़े को सामने रखें तो मार्च 2020 तक कोविशील्ड के 44 करोड़ टीके, कोवैक्सीन के 60 करोड़, रुस की वैक्सीन स्पुतनिक के 36 करोड़ टीके आयेंगे इन सबको जोड़ दें तो वैक्सीन की कुल संख्य 140 करोड़ हो जाती है. इसके अलावा कई और वैक्सीन के आने की भी चर्चा है.

मार्च 2022 तक 70 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन

केंद्र सरकार की मानें तो देश में मार्च 2022 से पहले देश की 70 प्रतिशत लोगों को  कोरोना की वैक्सीन लग चुकि होगी. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी कहा है कि 18 से 44 साल तक के लोगों को डोज देने के लिए राज्य को कोरोना की वैक्सीन खरीदनी होगी. इन आंकड़ों से साफ है कि अगर इसी तरह वैक्सीन का उत्पादन होता रहा और वैक्सीनेशन इसी रफ्तार से चलती रही तो मार्च 2022 तक भारत अपनी 70 फीसद आबादी को वैक्सीन देने में सफल रहेगा. लेकिन इस बीच इतनी बड़ी आबादी को कोरोना से बचाकर रखना सरकार और जनता की बड़ी परेशानी है.  ऐसे में आने वाले समय में क्या हालात होते हैं ये आप खुद समझ सकते हैं.

 

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