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11 May, 2026
राज्य
Updated Tue, 13 Apr 2021 9:40 IST
पुलिस का दावा है कि आरोपितों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य उन्हें कठोर सजा दिलाने के लिए पर्याप्त है। गुजरात के फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने इलेक्ट्रानिक सुबूत जुटाने में काफी मदद की है। अब पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर आरोपितों को सजा दिलाने की तैयारी में है।
उपद्रव करने वालों के खिलाफ 26 जनवरी को ही कोतवाली थाने में दंगा करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, लोकसेवकों के साथ डयूटी के दौरान मारपीट, सरकारी आदेश की अवमानना, डकैती, लूटपाट, खतरनाक हथियारों का प्रयोग, भारत सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आर्म्स एक्ट व आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में 14 धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इन धाराओं के तहत अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रविधान है।
लाल किला मामले मेंं आकाश प्रीत सिंह (रामपुर, बिलासपुर, उप्र), धर्मेद्र सिंह हरमन (रूपनगर, पंजाब) , धरमेंदर पाल उर्फ काले (विष्णु गार्डन, दिल्ली), हरप्रीत सिंह व हरजीत सिंह (तिलकनगर, दिल्ली), सुखदेव सिंह (करनाल, हरियाणा), दीप सिद्धू (मुक्तसर, पंजाब), इकबाल सिंह (लुधियाना, पंजाब), मनिंदर सिंह उर्फ मोनी (स्वरूप नगर, दिल्ली), जसप्रीत सिंह उर्फ सन्नी बावा (स्वरूप नगर, दिल्ली), मोहिंदूर सिंह (जम्मू), मंदीप सिंह (जम्मू), मनिंदरजीत सिंह (गुरदासपुर, पंजाब), खेमप्रीत सिंह (स्वरूप नगर, दिल्ली), जबरजंग सिंह (बठिंडा, पंजाब) व हरजोत सिंह (मुक्तसर, पंजाब) शामिल हैं।
एक लाख रुपये के इनामी जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह व गुरजंत सिंह व 50 हजार के इनामी बूटा सिंह व जगबीर सिंह को भी क्राइम ब्रांच अबतक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। गिरफ्तार आरोपितों को जमानत न मिले और वे बाहर आकर गवाहों व सुबूतों को प्रभावित कर सकें। इसलिए क्राइम ब्रांच पहले इनके खिलाफ आरोप पत्र दायर करना चाह रही है। शेष आरोपितों की गिरफ्तार होने के बाद पूरक आरोप पत्र दायर किया जाएगा।
ट्रैक्टर रैली के नाम पर 26 जनवरी कोई हुई हिंसा के मामले में फरार चल रहे गैंगस्टर लक्खा सिधाना ने अपने चचेरे भाई के साथ पुलिस की तरफ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। सिधाना के सुर में सुर मिलाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन में शामिल लोगों को दिल्ली पुलिस जांच के नाम पर प्रताड़ित कर रही है, उनके साथ मारपीट कर रही है।







