• Sun, 10 May, 2026
इजराइल ने इजाद किया ऐसा जाल, जिसे लपेटते ही 'चट्टान' की तरह नज़र आएंगे सैनिक

ताज़ा खबरें

Updated Thu, 1 Jul 2021 14:45 IST

इजराइल ने इजाद किया ऐसा जाल, जिसे लपेटते ही 'चट्टान' की तरह नज़र आएंगे सैनिक

तेल अवीव. इजराइल (Israel) युद्ध के हथियार बनाने के मामले में कई ताकतवर देशों को मात देता है. अब इजरायल के रक्षा मंत्रालय (Israel Ministry of Defence) ने एक टेक इनोवेशन किया है. इसके तहत एक खास कैमोफ्लाज नेट (Camouflage Sheet) बनाई गई है, जिसे कवर करते ही सैनिक अदृश्य हो जाते हैं. इसकी दोनों साइड खुद पर लपेटने के बाद सैनिक बड़ी चट्‌टान की तरह दिखाई देते हैं. किट-300 का वजन महज 500 ग्राम है, इसलिए वॉर जोन में सैनिकों को इसे लपेटकर चलने में परेशानी नहीं होती.

घायल सैनिकों के लिए स्ट्रेचर की तरह किया जा सकता है इस्तेमाल
किट-300 पूरी तरह वाटरप्रूफ है. ये 225 किलो तक वजन उठा सकती है. हल्की होने से इसे थ्रीडी आकार दिया जा सकता है. इससे यह घायल सैनिकों के लिए स्ट्रेचर का काम कर सकती है. सैनिक इसे कंबल की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

नेट की दोनों साइड अलग तरह से हुई डिजाइन

इजरायल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, केमोफ्लेज नेट की सबसे बड़ी बात ये है कि इसे लपटने के बाद सैनिक दुश्मनों की थर्मल डिटेक्टर से भी पकड़ में नहीं आ सकते. यह खास नेट दोनों साइड अलग तरह से डिजाइन की गई हैं. पहली साइड घनी हरियाली वाले इलाकों के हिसाब से बनाई गई है. दूसरी साइड सूखे और रेगिस्तानी इलाकों के लिहाज से बनी है.

पोलिरिस सॉल्युशंस ने तैयार किया ये नेट

इजरायली रक्षा मंत्रालय की आरएंडडी यूनिट की पार्टनरशिप में पोलिरिस सॉल्युशंस कंपनी ने ये इनोवेटिव नेट तैयार किया है. पोलारिस का दावा है कि सैनिकों को वर्चुअली इनविजिबल रखने के लिए हमने केमोफ्लेज बनाया है. पोलिरिस सॉल्युशंस के सीईओ आसफ पिकिओटो बताते हैं कि इसकी प्रेरणा हमें 2016 में लेबनान युद्ध के दौरान मिली. पिकिओटो उस वक्त विशेष सुरक्षा बल में थे.

इसलिए पड़ी जरूरत

पोलिरिस सॉल्युशंस के सीईओ आसफ पिकिओटो बताते हैं, 'हमने पाया कि जंग के मैदान में उतरे सैनिकों को थर्मल और नाइट विजन इक्यूप्मेंट से बचाने की सख्त जरूरत थी. हमें दुश्मन से एक कदम आगे ही रहना होगा. इसलिए किट-300 पर काम किया. हमने इसकी टेस्टिंग सुरक्षा बलों की कई यूनिटों में किया. यह पूरी तरह कारगर है.

इजरायल के रक्षा मंत्रालय में डिटेक्टर्स और इमेजिंग टेक्नोलॉजी शाखा के प्रमुख गल हरारी कहते हैं कि टेस्टिंग के दौरान हमने पाया कि दूरबीन से देखने पर भी सैनिक पहचाने नहीं जा सकेंगे.

 

 
 

 

Latest news