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Updated Sat, 12 Feb 2022 13:42 IST
कर्नाटक में हिजाब विवाद पर अब तूल बढ़ता जा रहा है. हिजाब विवाद पर वैश्विक हंगामे के बीच भारत ने आज कहा कि आंतरिक मसलों पर प्रेरित टिप्पणियां मंजूर नहीं हैं. बता दें कि विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखने और रिपोर्ट करने वाली अमेरिकी सरकार की एक संस्था, अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (International Religious Freedom-IRF), ने कॉलेज कैंपस में मुस्लिम छात्राओं की हिजाब पहनने की मांग (Hijab Row in Karnataka) को लेकर उठे विवाद के बीच कर्नाटक की आलोचना की है.
IRF के राजदूत रशद हुसैन ने कर्नाटक विवाद का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, "स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है." रशद हुसैन के कार्यालय ने ट्वीट किया, "धार्मिक स्वतंत्रता में किसी को भी धार्मिक पोशाक चुनने की आजादी शामिल है. भारतीय राज्य कर्नाटक को धार्मिक कपड़े पहनने की अनुमति का निर्धारण नहीं करना चाहिए. स्कूलों में हिजाब प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और यह महिलाओं और लड़कियों को कलंकित और हाशिए पर रखता है." दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता की बात करने वाली यह संस्था, जिसके राजदूत हुसैन हैं, अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कार्यालय के अंतर्गत आती है, जिसने भारत में धार्मिक आधार पर तनाव पर अतीत में भी टिप्पणी की है.
कर्नाटक में हिजाब विवाद के मद्देनजर पुलिस ने दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में एहतियात के तौर पर फ्लैग मार्च किया. पुलिस उपायुक्त हरिराम शंकर ने बताया कि शुक्रवार शाम दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तुर और सूरतकल में फ्लैग मार्च किया गया. त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की 97वीं बटालियन के 130 कर्मियों ने इसमें हिस्सा लिया. शंकर ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगड़ने पर यहां पनम्बुर में तैनात आरएएफ के कर्मी जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करेंगे. हिजाब विवाद के केंद्र उडुपी के कौप, कुंडापुर, करकला, पदुबिदरी, ब्रह्मवर, बैन्दूर और शिरवा में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया.







