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दिल्ली के इन दो अस्पतालों में भी होगी COVID-19 Delta+ Variant की जांच

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Updated Wed, 30 Jun 2021 22:15 IST

दिल्ली के इन दो अस्पतालों में भी होगी COVID-19 Delta+ Variant की जांच

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के दो अस्पतालों में भी अब डेल्टा पल्स वेरिएंट की जांच हो सकेगी. अभी तक केंद्र सरकार के अस्पतालों में डेल्टा पल्स की जांच के लिए सैंपल भेजना पड़ता था, लेकिन अब दिल्ली सरकार के अस्पतालों में भी इसकी जांच शुरू हो जाएगी. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में दो जीनोम सिक्वेंसिंग लैब बनाई जा रही है. एक लैब लोक नायक अस्पताल (LNJP Hospital) में और दूसरी आईएलबीएस अस्पताल में बनाई जा रही है. जैन ने कहा कि करीब एक हफ्ते में ये दोनों लैब काम करना शुरू कर देंगी. जैन ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना के प्रतिदिन 37 हजार केस को मानक मानकर तीसरी लहर की तैयारी कर रही है.


इन दो अस्पतालों में खुलेंगी लैब
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने लोक नायक अस्पातल और आईएलबीएस अस्पताल में कोरोना के बदलते रूप का अध्ययन करने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग लैब बनाई है. ये दोनों लैब आने वाले एक हफ्ते में शुरू कर दी जाएंगी. इससे पहले इस तरह के सैंपल को जांच के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाता था. अब दिल्ली के पास यह तकनीक है और इसे दिल्ली सरकार के दो अस्पतालों में इस्तेमाल किया जाएगा.

दिल्ली में जो पिछली लहर देखी गई वह डेल्टा वैरिएंट की थी- सत्येंद्र जैन

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में जो पिछली लहर देखी गई वह डेल्टा वैरिएंट की थी. कोरोना वायरस लगातार अपने रूप में बदलाव करता है. इसके अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा आदि जैसे कई प्रकार हैं. दिल्ली में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है. जैन ने कहा कि हम कोरोना महामारी के लिए आक्रामक रूप से तैयारी कर रहे हैं. हमें केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है, जिसमें कहा गया हो कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के लिए एक खास तरह की तैयारी होनी चाहिए. कोई भी प्रकार का वैरिएंट हो टीकाकरण और मास्क का उपयोग करके संक्रमण को रोका जा सकता है.

कोविड के दिशा निर्देशों का और सख्ती से पालन करने की आवश्यकता-जैन

बाजारों पर की गई कार्रवाइयों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोविड के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है. पिछली बार जनवरी और फरवरी के दौरान जब कोविड के मामले कम हो गए थे, तब इस बार की तरह ही लोगों बेफिक्र हो गए थे. लोगों को लगा कि कोरोना चला गया है, लेकिन अभी तक कोरोना नहीं गया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली ने चार कोविड लहरें देखी हैं, जबकि देश ने दो कोविड लहरें देखी हैं. 1.5 साल के अनुभव के बाद हम जानते हैं कि सुरक्षित रहने के लिए हमें कोविड के उचित व्यवहार का पालन करना ही होगा.

कोरोना के अब भी 75-80 हजार टेस्ट रोजाना

जैन ने आगे कहा मंगलवार को दिल्ली में 6 मौतों के अलावा 94 कोरोना संक्रमित मामले दर्ज किए गए, जबकि 79,935 कोविड टेस्ट किए गए. दिल्ली में रोजाना करीब 75-80 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं. दिल्ली में संक्रमण दर 0.12 फीसदी है. सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हमें अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है और घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने की आवश्यकता है.

सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोरोना की आने वाली लहर दिल्ली और पूरे देश में पांचवी और तीसरी कोविड लहर के रूप में आ सकती है. हमने पूरी तैयारी कर ली है. हमारे पास 28 हजार कोविड बेड की उपलब्धता थी और हम इसे 37 हजार बेड तक बढ़ाने की भी तैयारी कर रहे हैं. ऑक्सीजन के लिए कई ऑक्सीजन पीएसए और स्टोरेज प्लांट लगाए गए हैं.

 

 
 

 

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