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11 May, 2026
राज्य
Updated Sun, 2 May 2021 13:40 IST
पूरे देश में लॉकडाउन की हिमायत करने वाले इन एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमें तुरंत संक्रमण चक्र तोड़ने की जरूरत है. कहा कि चिकित्सा संसाधन बुरी तरह चरमराए हुए हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर दैनिक संक्रमण की गति यही बनी रही तो चिकित्सा ढांचे की और भी बुरी दशा हो जायेगी. उनका मानना है कि संसाधन बढ़ाने की भी एक सीमा होती है. ऐसे में हमें सबसे पहले संक्रमण संख्या घटानी होगी. संक्रमण चक्र तोड़ना ही होगा. देशव्यापी लॉकडाउन होगा तो संपर्क न होने से संक्रमण चक्र टूटेगा और मरीजों की संख्या में चार-चार लाख की दैनिक वृद्धि घटेगी.
यहां 20 अप्रैल को दिया गया प्रधानमंत्री का बयान उल्लेखनीय है, उन्होंने कहा था कि लॉकडाउन को टालने की हरचंद कोशिश की जाये. इसे तभी लगाया जाये जब और दूसरा कोई रास्ता न बचा हो. टास्क फोर्स के एक सदस्य ने कहा कि हम पिछले कुछ महीनों से यह बात जोर देकर कह रहे हैं कि जनता को बताया जाये कि लॉकडाउन बहुत जरूरी हो गया है. देशव्यापी लॉकडाउन न कि जैसा इस समय हम कर रहे हैं थोड़ा यहां थोड़ा वहा.। क्योंकि संक्रमण तो पूरे देश में बढ़ रहा है.
एक अन्य सदस्य ने कहा कि हम गलत एंगल से देख रहे हैं. स्वास्थ्य-चिकित्सा ढांचे को बेहतर करने की एक सीमा होती है. हमने ऑक्सीजन सप्लाइ सुधार ली है लेकिन बीमारों को देखते हुए अब भी इस गैस की किल्लत है. कोविड का मर्ज एक आदमी से दूसरे तक फैलता है. ऐसे में लॉकडाउन ही सही तरीका है.







