सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि पिछले चार हफ्तों में कोरोना वायरस की स्थिति काफी भयावह हुई है। वहीं शासन की विफलताएं और भी कठिन हो गई हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि वैज्ञानिकों की सलाह को पूरी तरह नकारा गया और यह देश मोदी सरकार की गलती की भारी कीमत चुका रहा है।
सोनिया गांधी ने बैठक में आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी सहायता के लिए आगे आए। सोनिया गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस की ओर से मैं सभी देशों और संस्थानों को धन्यवाद देना चाहती हूं। इसके अलावा सोनिया गांधी ने कहा कि जब हम सब कोविड-19 से व्यस्त हैं तो ऐसे में यह बैठक चुनाव नतीजों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है।
चुनाव नतीजों पर निराशा जताना काफी नहीं
सोनिया गांधी ने आगे कहा कि हम अगर कहें कि चुनाव नतीजों से काफी निराश हैं तो ये भी काफी नहीं होगा। चुनाव नतीजों पर मंथन करने के लिए मैं एक छोटा समूह बनाने पर जोर दे रही हूं और उम्मीद है कि जल्द ही एक रिपोर्ट के साथ हम दोबारा बैठक करेंगे।
वास्तविकता नहीं देखेंगे तो सबक कैसे लेंगे
सोनिया गांधी ने आगे कहा कि हमें स्पष्ट तौर पर यह समझने की जरूरत है कि केरल और असम में हम क्यों हारे और पश्चिम बंगाल में एक भी सीट अपने नाम नहीं कर पाए। सोनिया गांधी ने कहा कि अगर हम वास्तविकता नहीं देखेंगे तो आगे के लिए सबक कैसे लेंगे। सोनिया गांधी ने आगे कहा कि जब हम 22 जनवरी को मिले, तब हमने फैसला किया था कि जून के अंत तक कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पीएम गलती स्वीकार करें, निजी एजेंडा छोड़ें
कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पारित संकल्प में कहा गया है कि यह समय राष्ट्रीय एकता, उद्देश्य और संकल्प की अटूट भावना दिखाने का है। यह एक वास्तविकता बन सकता है, पीएम को अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए और निजी एजेंडा को छोड़कर लोगों की सेवा करने के लिए वचनबद्ध होना चाहिए।
पैसों की बर्बादी में लिप्त है मोदी सरकार
कांग्रेस ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि मोदी सरकार पीएम के घमंड के कारण राष्ट्रीय राजधानी में परियोजना को जारी रखते हुए पैसे की आपराधिक बर्बादी में लिप्त है। जबकि ऐसे समय में देश के संसाधन आवश्यक दवाओं और ऑक्सीजन के टीकाकरण कवरेज और आपूर्ति के विस्तार को सुनिश्चित करने के काम आना चाहिए।