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Climate Change: बड़ी मुसीबत के लिए दस्तक दे रहा है ‘बर्फ का अकाल’

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Updated Wed, 8 Dec 2021 12:58 IST

Climate Change: बड़ी मुसीबत के लिए दस्तक दे रहा है ‘बर्फ का अकाल’

जलवायु परिवर्तन (Climate Change) धीरे धीरे दुनिया में बहुत बड़े बदलाव रहा है. इसका असर दुनिया के कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर दिखने भी लगा है जो आगे चलकर बहुत बड़े रूप में दिखेंगे. ऐसा एक असर पश्चिमी अमेरिका (Western US) में दिख रहा है. वहां के पहाडों पर फैली बर्फ की मात्रा (Snowpacks) हर साल कम होती जा रही है जिससे 2050 के बाद वहां बिना बर्फ वाले सालों की संख्या बहुत अधिक होती जाएगी.

 जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के असर के अब अलग अलग स्वरूप सामने आ रहे हैं. इसके एक बड़ा परभाव पश्चिमी अमेरिका (Western US) में देखने को मिलने वाला है. नए अध्ययन के मॉडल बता रहे हैं कि यहां कैलीफोर्निया जैसे राज्यों में हिम पूरी तरह से गायब हो जाएगी और यहां हिम का अकाल (Snow Drought) देखने को मिल सकता है. इससे यहां के पेड़ पौधे, पशु-पक्षी, नदियां और जंगल की आग के मौसम तक पर असर देखने को मिल सकता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर जीवाश्म ईंधन का उत्सर्जन नहीं रोका गया तो कुछ पर्वत शृंखलाओं की बर्फ 2050 तक 45 प्रतिशत तक कम हो सकती है. जहां बर्फीले मौसम में या तो बहुत कम या फिर बिना बना बर्फ के भी हो सकते हैं. (तस्वीर: shutterstock)

जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के असर के अब अलग अलग स्वरूप सामने आ रहे हैं. इसके एक बड़ा परभाव पश्चिमी अमेरिका (Western US) में देखने को मिलने वाला है. नए अध्ययन के मॉडल बता रहे हैं कि यहां कैलीफोर्निया जैसे राज्यों में हिम पूरी तरह से गायब हो जाएगी और यहां हिम का अकाल (Snow Drought) देखने को मिल सकता है. इससे यहां के पेड़ पौधे, पशु-पक्षी, नदियां और जंगल की आग के मौसम तक पर असर देखने को मिल सकता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर जीवाश्म ईंधन का उत्सर्जन नहीं रोका गया तो कुछ पर्वत शृंखलाओं की बर्फ 2050 तक 45 प्रतिशत तक कम हो सकती है. जहां बर्फीले मौसम में या तो बहुत कम या फिर बिना बना बर्फ के भी हो सकते हैं.

 अमेरिका के पश्चिमी इलाकों ((Western US) में पिछले समय की तुलना में नाटकीय बदलाव आए हैं. 1950 से 2000 तक केवल 8 से 14 प्रतिशत सालों को कम या बिना बर्फ की श्रेणी में डाला गया था, लेकिन 2050 से लेकर 2099 तक यह आंकड़ा 94 प्रतिशत पहुंच सकता है. यह शोध नेचर रीव्यूज अर्थ एंड एनवायर्नमेंट में प्रकाशित हुआ है. सिएरा में करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय जल प्रबंधकों का माना है कि पश्चिमी अमेरिका में अपनाई जा रही जल प्रबंधन रणनीतियां भविष्य के जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के लिहाज से पर्याप्त नहीं है. (तस्वीर: shutterstock)

अमेरिका के पश्चिमी इलाकों ((Western US) में पिछले समय की तुलना में नाटकीय बदलाव आए हैं. 1950 से 2000 तक केवल 8 से 14 प्रतिशत सालों को कम या बिना बर्फ की श्रेणी में डाला गया था, लेकिन 2050 से लेकर 2099 तक यह आंकड़ा 94 प्रतिशत पहुंच सकता है. यह शोध नेचर रीव्यूज अर्थ एंड एनवायर्नमेंट में प्रकाशित हुआ है. सिएरा में करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय जल प्रबंधकों का माना है कि पश्चिमी अमेरिका में अपनाई जा रही जल प्रबंधन रणनीतियां भविष्य के जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के लिहाज से पर्याप्त नहीं है.

 इस अध्ययन में बताया गया है कि सामान्य सालों में पश्चिमी अमेरिका (Western US) के सिएरा नवेदा में गिरी बर्फ कैलीफोर्निया (California) के पानी की 30 प्रतिशत को जरूरत को पूरा करती है, लेकिन हाल ही में इस राज्य में कई बर्फ के अकाल (Snow Drought) के कई दौर देखे गए हैं. साल 2021 की वसंत में सिएरा को सामान्य बर्फीले पानी का केवल 59 प्रतिशत ही मिला है. मई के महीने तक गर्म तापमान ने उसे 10 प्रतिशत तक पहुंचा दिया और जून में तो एक तरह से पूरी की पूरी बर्फ ही गायब हो गई थी. (तस्वीर: shutterstock)

इस अध्ययन में बताया गया है कि सामान्य सालों में पश्चिमी अमेरिका (Western US) के सिएरा नवेदा में गिरी बर्फ कैलीफोर्निया (California) के पानी की 30 प्रतिशत को जरूरत को पूरा करती है, लेकिन हाल ही में इस राज्य में कई बर्फ के अकाल (Snow Drought) के कई दौर देखे गए हैं. साल 2021 की वसंत में सिएरा को सामान्य बर्फीले पानी का केवल 59 प्रतिशत ही मिला है. मई के महीने तक गर्म तापमान ने उसे 10 प्रतिशत तक पहुंचा दिया और जून में तो एक तरह से पूरी की पूरी बर्फ ही गायब हो गई थी.

 अध्ययन में यह बताया गया है कि ये हालात भविष्य में कितने खराब हो जाएंगे यह कहना मुश्किल है क्योंकि सालाना हिम पुंज (Snowpack) बहुत से जटिल कारकों पर निर्भर करता है. इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता एलन रोड्स और उनके साथियों ने पश्चिमी राज्यों (Western US) में बर्फ की मात्रा की टाइमलाइन बनाई और उन्होंने भविष्य के हिम पुंजों के पूर्वानुमानों पर हुए सभी हालिया अध्ययनों को शमिल किया. आंकड़ों की समीक्षा करने पर शोधकर्ताओं ने पाया पश्चिम अमेरिका के सभी इलाकों में हिम पुंजों के स्तर पर साल 2050 में तेजी से बदलाव दिखेगा जिसके बाद बर्फ के अकाल (Snow Drought) जैसे साल लगातार देखने को मिलेंगे. (तस्वीर: shutterstock)

अध्ययन में यह बताया गया है कि ये हालात भविष्य में कितने खराब हो जाएंगे यह कहना मुश्किल है क्योंकि सालाना हिम पुंज (Snowpack) बहुत से जटिल कारकों पर निर्भर करता है. इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता एलन रोड्स और उनके साथियों ने पश्चिमी राज्यों (Western US) में बर्फ की मात्रा की टाइमलाइन बनाई और उन्होंने भविष्य के हिम पुंजों के पूर्वानुमानों पर हुए सभी हालिया अध्ययनों को शमिल किया. आंकड़ों की समीक्षा करने पर शोधकर्ताओं ने पाया पश्चिम अमेरिका के सभी इलाकों में हिम पुंजों के स्तर पर साल 2050 में तेजी से बदलाव दिखेगा जिसके बाद बर्फ के अकाल (Snow Drought) जैसे साल लगातार देखने को मिलेंगे.

 शोधकर्ताओं के अध्ययन का यही नतीजा रहा कि अगर वैश्विक उत्सर्जनों को नहीं रोका गया तो पश्चिमी अमेरिका (Western US) में कम से बिना हिम पुंज वाले साल 35 से 60 साल बाद नियमित रूप से दिखने लगेंगे. यह अध्ययन साफ तौर पर दर्शाता है कि कैसे ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का स्थानीय जलवायु (Climate) पर असर हो रहा है और भविष्य में इस तरह के जल संकट बड़ी आबादी वाले इलाकों को चिंताजनक स्थिति में ला सकते हैं. (तस्वीर: shutterstock)

शोधकर्ताओं के अध्ययन का यही नतीजा रहा कि अगर वैश्विक उत्सर्जनों को नहीं रोका गया तो पश्चिमी अमेरिका (Western US) में कम से बिना हिम पुंज वाले साल 35 से 60 साल बाद नियमित रूप से दिखने लगेंगे. यह अध्ययन साफ तौर पर दर्शाता है कि कैसे ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का स्थानीय जलवायु (Climate) पर असर हो रहा है और भविष्य में इस तरह के जल संकट बड़ी आबादी वाले इलाकों को चिंताजनक स्थिति में ला सकते हैं.

 इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि सिएरा नेवादा और कैस्केड जैसी पर्वत मालाओं में गर्म प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) से नम हवा आती है इसी लिए कैलीफोर्निया (California)के इन पर्वतों में तेजी से बर्फ पिघलती है. अन्य पर्वतों की तुलना में ये पर्वत दोगुनी दर से बर्फ गंवाते हैं. ऐसे इलाकों में बारिश से पानी ना जमा हो पाना भी एक बड़ी समस्या रहती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि नीति निर्माताओं को अपने जल आपूर्ति संरचना व्यवस्था में बदलाव करना होगा. और यह दुनिया के बाकी देशों के लिए सबक है. (तस्वीर: shutterstock)

इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि सिएरा नेवादा और कैस्केड जैसी पर्वत मालाओं में गर्म प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) से नम हवा आती है इसी लिए कैलीफोर्निया (California)के इन पर्वतों में तेजी से बर्फ पिघलती है. अन्य पर्वतों की तुलना में ये पर्वत दोगुनी दर से बर्फ गंवाते हैं. ऐसे इलाकों में बारिश से पानी ना जमा हो पाना भी एक बड़ी समस्या रहती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि नीति निर्माताओं को अपने जल आपूर्ति संरचना व्यवस्था में बदलाव करना होगा. और यह दुनिया के बाकी देशों के लिए सबक है.

 

 

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