फाइजर का यह दावा स्कूलों में बच्चों को वापस लौटाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। फाइजर के सीईओ अर्ल्बअ बौरला ने कहा कि उनकी कंपनी जल्द ही 12 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन उपयोग की आपातकालीन मंजूरी मांगने के लिए यूएसएफडीए और यूरोपीय नियामकों के पास आवेदन दाखिल करेगी।
कई कंपनियां बना रहीं टीका
उल्लेखनीय है कि केवल फाइजर व बायोएनटेक ही नहीं बल्कि करीब आधा दर्जन से अधिक कंपनियां बच्चों के लिए कोरोना वायरस से बचाव का टीका बाजार में उतारने की होड़ में जुटी हुई हैं। कंपनियों का दावा है कि जल्द ही छह माह के बच्चे के लिए भी बाजार में कोरोना टीका उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महामारी को रोकना है तो बच्चों का भी टीकाकरण करना ही होगा।
अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना भी 12 से 17 साल तक के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के प्रभाव को लेकर अध्ययन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि मॉडर्ना के अध्ययन में सामने आए तथ्य बेहद सकारात्मक हैं। इसके चलते यूएसएफडीए पहले ही फाइजर और मॉडर्ना को 6 साल की उम्र वाले नवजात बच्चे तक पर कोविड-19 के प्रभाव पर शोध करने की अनुमति दे चुका है।