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Updated Wed, 9 Jun 2021 13:05 IST
झज्जर. कीर्ति चक्र विजेता चेतन चीता (Chetan Cheetah) कोरोना और ब्लैक फंगस से जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. 9 दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद अब चेतन चीता ऑक्सीजन सपोर्ट (Oxygen Support) पर आ गए हैं. 4 घंटे के विनिंग प्रोटोकॉल के बाद वेंटिलेटर हटाया गया है. 3 साल पहले कश्मीर के बांधी पीर में आतंकियों का सामना करते हुए चेतन चीता ने 9 गोलियां खाई थी. बहादुरी के लिए सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था.
झज्जर के बाढ़सा गांव स्थित एम्स- टू के नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट में चेतन चीता को भर्ती करवाया गया है. चेतन चीता को यहां 9 मई को इलाज के लिए लाया गया था. जहां लगातार चेतन चीता की हालत गंभीर बनी हुई थी. उनकी हालत इतनी गंभीर है कि 31 मई से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. लेकिन अब 9 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद अब चेतन चीता को वेंटिलेटर से हटा कर ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया है.
चिकित्सकों की मानें तो कैप्टन चीता को 50 लीटर ऑक्सीजन पर रखा गया है. 2 से 3 दिन के बाद उन्हें नॉर्मल मास्क लगाने का प्रयास किया जाएगा. अगले 24 घंटे कैप्टन चीता के लिए बेहद अहम रहेंगे. उनके फेफड़े में शत-प्रतिशत फैल चुका था. चेतन चीता का ब्लैक फंगस का सफल ऑपरेशन भी हो चुका है. कमांडेंट चीता को वेंटिलेटर से निकालने से पहले 4 घंटे का विनिंग प्रोटोकॉल अपनाया गया.
इस दौरान यह देखा गया कि मरीज बेहोशी की दवाई बंद करने के बाद अपनी तरफ से सांस लेने में किस तरह कोशिश करता है. कितना रिस्पांस मेडिकल टीम को देता है. इस विनिंग प्रोटोकॉल में जो भी इशारे मरीज को किए जाते हैं, वह उनको किस तरीके से फॉलो करता है. इस तरह हाथ उठाने से लेकर आंख बंद करने तक के प्रोसेस की सफलता के बाद ही 4 घंटे बाद कैप्टन चीता को वेंटिलेटर से हटा कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर लाया गया.
आतंकी हमले में लगी थी 9 गोलियां







