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10 May, 2026
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Updated Fri, 12 Nov 2021 22:46 IST
Aryan Khan Drug Case: आर्यन खान ड्रग्स केस (Aryan Khan Drug Case) में अभी तक कि मुंबई पुलिस की SIT और NCB की विजिलेंस टीम की जांच में जो सबूत मिले हैं. उसके मुताबिक आर्यन खान (Aryan Khan) को ड्रग्स केस में फंसाकर करोड़ो रूपये वसूलने की साजिश थी.
सूत्रों के अनुसार रेड के कुछ दिन पहले सुनील पाटिल, किरण गोसावी और मनीष भानुशाली ने मिलकर यह साजिश रची थी. इसके लिए सुनील पाटिल और बाकी लोगों ने बाकायदा प्लान A और B बनाया था. प्लान A के मुताबिक क्रूज पर रेव पार्टी होने की जानकारी NCB को दी जाती. इसके बाद एजेंसी वहां पर रेड करके आर्यन (Aryan Khan) और उसके दोस्तों को हिरासत में ले लेती.
आर्यन के पकड़े जाने के बाद किरण गोसावी खुद को NCB अफसर बताकर शाहरुख खान से 25 करोड़ रूपये की वसूली करता और आर्यन खान को किसी तरह गिरफ्तारी से बचाने की कोशिश करता. अगर वह इस प्लान में फेल हो जाता तो उसके लिए प्लान B भी तैयार था. प्लान B के जरिए किरण गोसावी और उसके साथी वसूले गए पैसे शाहरुख खान को वापस कर देते और खुद को इस मामले में मुखबिर और पंच बना देते.
हालांकि NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वनखेड़े (Sameer Wankhede) ने रेड करने के बाद सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करके आर्यन खान (Aryan Khan) और उसके दोस्तों समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. जिसके बाद किरण गोसावी और उसके साथियों का प्लान ए फेल हो गया. इसके चलते आर्यन खान को बचाने के नाम पर लिए गए 50 लाख की पहली किस्त वापस करनी पड़ गई थी. इन 50 लाख में से 25 लाख हवाला के जरिये सुनील पाटिल को भेजे गए थे.
सूत्रों के मुताबिक प्लान A के तहत रेड के दौरान आर्यन खान (Aryan Khan) के पकड़े जाने के बाद उसे छुड़ाने के नाम पर किरण गोसावी ने पूजा डडलानी से 18 करोड़ में डील फाइनल की थी. जिसके बाद 3 तारीख को हाजी अली चौक पर 50 लाख रुपए की पहली किस्त पूजा डडलानी से ली गई. उसमें से 25 लाख रुपए हवाला के जरिये सुनील पाटिल के पास भेज दिए गए, बाकी के पैसे बाकी लोगों ने बांट लिए थे. एक सेल्फी की वजह से प्लान A खराब होने के बाद सुनील पाटिल ने तो पूरे 25 लाख वापस कर दिए जबकि बाकी के 25 लाख में से कुछ पैसा लेकर किरण गोसावी फ़रार हो गया.
सूत्रों के मुताबिक इस साज़िश का मास्टर माइंड सुनील पाटिल है, जिसने अहमदाबाद में बैठकर ये साजिश रची थी. उसे अंजाम देने के लिए सुनील पाटिल ने किरण गोसावी और मनीष भानुशाली को चुना था. उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर रेड से काफी दिन पहले ही आर्यन खान के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी.
मुंबई पुलिस की एसआईटी को भी अपनी जांच में वसूली की साजिश का पता चला है. हालांकि एसआईटी ने फिलहाल एक्सटॉर्शन की कोई एफआईआर दर्ज नहीं कि है. मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर विश्वास नागरे पाटिल ने ज़ी न्यूज से बात कर इस बात को कन्फ़र्म किया कि उन्होंने कई बार शाहरूख खान की मैनेजर पूजा डडलानी को बयान और शिकायत दर्ज करवाने के लिए समन किया है लेकिन ख़राब सेहत का हवाला देकर वो अभी तक नहीं आईं. बिना पूजा की शिकायत के मुंबई पुलिस किरण गोसावी और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करेगी.
दूसरी तरफ इस मामले में गवाह प्रभाकर सैल की ओर से दाखिल किए गए एफिडेविट की जांच कर रही विजिलेंस टीम की जांच भी जारी है. उसे आर्यन खान (Aryan Khan) को गिरफ्तार करने, ड्रग्स सीज करने की कानूनी प्रक्रिया में छोटी मोटी गलती के अलावा अभी तक एनसीबी अधिकारियों के वसूली कांड में शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले है. इस जांच के दौरान एनसीबी की विजिलेंस टीम ने 16 से ज्यादा लोगों के ब्यान दर्ज किए है. वहीं इस मामले में मनीष भानुशाली और सैम डिसूजा के बयान NCB के दिल्ली हेडक्वार्टर में दर्ज किए जाएंगे.
एजेंसी ने एनडीपीएस कोर्ट में किरण गोसाई येरवडा जेल में जाकर पूछताछ करने की एप्लीकेशन लगाई है. इस विजिलेंस जांच में अब साबसे अहम किरदार सुनील पाटिल, पूजा डडलानी और किरण गोसावी हैं. जिसके बाद कहा जा रहा है कि समीर वानखेडे (Sameer Wankhede) और उनकी टीम पर लगे आरोपों की जांच पूरी हो जाएगी. इसके बाद NCB के चीफ विजिलेंस ऑफिसर ज्ञानेश्वर सिंह अपनी जांच रिपोर्ट एजेंसी के डीजी सत्य नारायण प्रधान को सौंप देंगे.







