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Updated Tue, 3 Aug 2021 14:19 IST
नई दिल्ली. सोमवार को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) ने 24 स्वयंभू संस्थानों को फर्जी घोषित किया है और दो अन्य को मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया है. इनमें से 8 विश्वविद्यालय अकेले उत्तर प्रदेश के हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि लखनऊ स्थित भारतीय शिक्षा परिषद और नई दिल्ली में कुतुब इंक्लेव स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (आइआइपीएम) को यूजीसी एक्ट, 1956 का उल्लंघन करते हुए पाया गया है. उनके मामले अदालत में विचाराधीन हैं.
UP के इन विश्वविद्यालयों को किया गया फर्जी घोषित
इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, नोएडा
उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, मथुरा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मुक्त विश्वविद्यालय, अलीगढ़
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी, कानपुर
वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
महिला ग्राम विद्यापीठ, इलाहाबाद
गांधी हिंदी विद्यापीठ, इलाहाबाद
महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़
इन राज्यों में भी हैं फर्ची विवि
यूजीसी ने जिन 24 संस्थानों को फर्जी घोषित किया है, उनमें उत्तर प्रदेश के आठ, दिल्ली के सात, ओडिशा और बंगाल के दो-दो, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी का एक-एक विश्वविद्यालय है.
फर्जी संस्थानों को जारी किया गया नोटिस
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि अवैध डिग्री प्रदान करने वाले अनधिकृत संस्थानों को कारण बताओ और चेतावनी नोटिस जारी किए जाते हैं. साथ ही आयोग की तरफ से राज्य के मुख्य सचिवों, शिक्षा सचिवों और प्रमुख सचिवों को अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित ऐसे विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया है.







