गांव के लोगों के वकील अनिल सागर और यूथ लीडर गुरतेज सिंह पन्नु ने कहा कि गरीबों के साथ धक्का नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा। क्योंकि जिस जमीन की लड़ाई और इंसाफ के लिए पीड़ित लड रहे हैं, वह जमीन पंचायती जमीन है और उसकी जमाबंदी वर्ष 2015-2016 की कापी तक उनके पास मौजूद है। लेकिन जीती अपने मंत्री भाई बलबीर सिंह सिद्धू की सरकार के अंदर पावर के चलते लोगों के हक की बात सुन नहीं रहे हैं। उधर, मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह जीती ने उनपर लगाए गए उक्त सभी आरोपों को निराधार बताया।