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GTB अस्पताल के पास 500 आईसीयू बेड आज से शुरू

राज्य

Updated Tue, 11 May 2021 18:07 IST

GTB अस्पताल के पास 500 आईसीयू बेड आज से शुरू

नई दिल्ली

जीटीबी अस्पताल के पास रामलीला ग्राउंड में 500 आईसीयू बेड तैयार कर लिया गया है। मंगलवार से यहां मरीजों की भर्ती शुरू हो जाएगी। एलएनजेपी अस्पताल के सामने बनाए जा रहे 500 आईसीयू बेड दो से तीन दिन में शुरू हो जाएंगे।

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को जीटीबी अस्पताल के पास रामलीला ग्राउंड में तैयार किए गए 500 आईसीयू बेड का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एक हजार आईसीयू बेड और अतिरिक्त ऑक्सिजन बेड के शुरू होने के बाद लोगों को आईसीयू और ऑक्सिजन बेड की कमी महसूस नहीं होगी। सीएम ने कहा कि बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। तीसरी लहर में अगर 30 हजार केस भी आते हैं, तो उसे डील करने के लिए सरकार तैयार है।


जीटीबी अस्पताल से किया अटैच
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला ग्राउंड में पिछले 10 दिनों के अंदर 500 बेड का आईसीयू तैयार किया गया है। कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक रही है। इसमें बहुत ज्यादा लोग बीमार हुए, काफी ज्यादा मौतें हुईं और बहुत व्यापक पैमाने पर संक्रमण हुआ। सीएम ने कहा, 'हमें आईसीयू बेड की बहुत ज्यादा कमी पड़ गई थी। ये आईसीयू बेड पूरी तरह तैयार हो गए हैं। मंगलवार को शुरू जाएंगे। आईसीयू बेड जीटीबी अस्पताल से जोड़े गए हैं। इन बेड पर करीब 22 मीट्रिक टन ऑक्सिजन खर्च होगी। इसके लिए ऑक्सिजन के टैंकर बाहर लगाए गए हैं।'

LNJP के सामने भी 500 आईसीयू बेड

सीएम ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल के सामने भी रामलीला मैदान में 500 आईसीयू बेड दो या तीन दिन में शुरू हो जाएंगे। दोनों जगह मिलाकर 1000 आईसीयू बेड के एकसाथ शुरू होने के बाद दिल्ली के लोगों को अब आईसीयू बेड की कमी शायद महसूस नहीं होगी। ऑक्सिजन बेड भी बड़े स्तर पर बढ़ाते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को ही 1000 ऑक्सिजन सिलिंडर सरकार के पास पहुंच रहे हैं। साथ ही, अगले तीन-चार दिन के अंदर कई ऑक्सिजन सिलिंडर आ रहे हैं। सीएम ने बताया कि कई और जगहों पर ऑक्सिजन के और नए बेड तैयार कर रहे हैं। अब बेड की कमी महसूस नहीं होगी।

'तीसरी लहर से निपटने की है तैयारी'

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीसरी लहर की संभावना को देखतेत हुए तैयारियां करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवंबर में दिल्ली के अंदर कोरोना की एक लहर आई थी, जब अधिकतम 8500 केस आए थे। उस लहर को सफलतापूर्वक बिना किसी समस्या के डील किया, लेकिन यह जो लहर आई है, इसमें अधिकतम 28,000 केस आए हैं। इस वजह से पूरा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तनाव में आ गया था। अब जो इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं, उसे बनाने में हफ्ते-दस दिन अवश्य लग गए, लेकिन जिस स्तर पर इसे बनाया जा रहा है इससे अगली लहर को डील करने के लिए तैयार होंगे।

लॉकडाउन को लेकर केजरीवाल ने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि कोरोना का पीक निकल चुका है और आने वाले समय में केस और कम होंगे, लेकिन मुख्यमंत्री होते हुए मैं अभी कोई भी ढिलाई नहीं देना चाहूंगा।'

 
 

 

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