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विदेश से आने वाले अब दो अलग-अलग जगह पर होंगे आइसोलेट

विदेश से आने वाले अब दो अलग-अलग जगह पर होंगे आइसोलेट

पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों को स्‍वदेश वापस लाने का जो फैसला लिया है उसकी नई गाइडलाइंस सरकार की तरफ से जारी की जा चुकी हैं। इसके मुताबिक अब विदेश से आने वाले भारतीय नागरिकों को दो अलग-अलग जगहों पर आइसोलेट किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की इस गाइडलाइंस के मुताबिक सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में जाना अनिवार्य होगा। भले ही वे उनमें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लक्षण हों या नहीं। इसमें से 7 दिन सरकार द्वारा तय किए सेंटर में, जबकि 7 दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा। सरकार द्वारा तय किए गए क्वारंटाइन सेंटर में रहने का भी खर्च उसी व्यक्ति को वहन करना होगा। स्‍वदेश वापस आने वाले भारतीयों को विमान में बैठने से पहले यात्रियों को शपथपत्र में लिखित देना होगा कि वो 14 दिन क्‍वारंटाइन में रहने को तैयार है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की इस गाइडलाइन के मुताबिक गर्भवती महिलाएं या जिनके साथ छोटे बच्चे हैं उन्हें अपने घर में ही 14 दिन के लिए क्‍वारंटाइन में रहना होगा। इसके अलावा स्‍वदेश वापस आने वाले यात्रियों को अपने फोन में आरोग्य सेतु एप भी डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। वहीं विदेशी यात्रियों को भी भारत में आने के बाद 14 दिनों के लिए क्‍वारंटाइन में रहना जरूरी होगा। इसके लिए वे होटल में भी रह सकते हैं। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्‍हें सरकार के बनाए क्‍वारंटाइन सेंटर्स में जाना होगा।

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार का कहा कि भारत अगस्त महीने से पूर्व ठीक-ठाक संख्या में अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का परिचालन पुन: शुरू करने की कोशिश करेगा। उन्‍होंने ट्वीट कर बताया है कि इस उड़ान योजना के तहत विमानों की किफायती सेवा भी शुरू हो रही है। इसमें पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों, द्वीप और छोटे मार्गों की उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस गाइडलाइन में कहा कि विदेश जाने के इच्छुक यात्रियों को कई नियम-कायदों का पालन करना होगा। इसके मुताबिक यात्रियों को विदेश जाने की इजाजत देने से पूर्व इस बात की जानकारी ली जाएगी कि क्‍या मेजबान देश इसकी इजाजत दे भी रहा है या नहीं। इसके लिए मेजबान देश द्वारा तय की गई शर्त को भी उस यात्री को हर हाल में मानना होगा। ऐसा न करने पर उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रियों को यात्रा का खर्च खुद ही उठाना होगा। इस आपात सेवा के लिए प्रवासी कामगार, अल्पावधि वीजाधारक, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।

यात्रा से पहले विमानन कंपनियां यात्री को यात्रा के दौरान किन नियमों का पालन करना है इसकी जानकारी मुहैया करवाएंगी। विमान में एंट्री से पहले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। लक्षण दिखाई न देने पर ही यात्री को जाने दिया जाएगा। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्यकर्मी उसको आईसोलेट कर देंगे। यात्रा के दौरान यात्री को मुंह पर मास्‍क लगाना अनिवार्य होगा। क्रू मेंबर्स इसको सुनिश्चित करेंगे कि सभी पैसेंजर्स मास्क पहने हों। आगमन के दौरान एयरपोर्ट, सी-पोर्ट या लैंड पोर्ट पर हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।

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