BREAK NEWS

राम मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में शिव का पूजन

राम मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में शिव का पूजन

लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद भगवान राम की नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। श्री राम जन्मभूमि परिसर के समतलीकरण के बाद यहां पर राम मंदिर का निर्माण शुरू हो इससे पहले बुधवार को श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने भगवान शशांक शेखर का अभिषेक किया।

भगवान शशांक शेखर राम जन्मभूमि परिसर में ही कुबेर टीला पर विराजे भगवान भोलेनाथ का शास्त्रों में वॢणत नाम है। बीते दिनों समतलीकरण के दौरान राम जन्मभूमि परिसर का भ्रमण कर रहे महंत कमल नयन दास की निगाह कुबेर टीला पर स्थित भगवान शशांक शेखर की ओर गई और उसी समय उन्होंने तय किया कि जिस प्रकार भगवान राम ने लंका विजय के पूर्व रामेश्वरम में भोलेनाथ की पूजा की उसी तरह श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से पहले वह शशांक शेखर के रूप में भोले की पूजा करेंगे।

महंत कमलनयन दास ने बुधवार को करीब दो घंटा तक (सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक) अभिषेक किया और फिर बाहर निकले। परिसर से बाहर निकले कमल नयन दास के चेहरे पर अपूर्व संतोष बयां हुआ। इस दौरान जागरण से मुखातिब महंत कमल नयन दास ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार भगवान शिव की उपासना के बाद भगवान श्री राम का लंका विजय का अभियान निर्विघ्न संपन्न हुआ। उसी प्रकार यहां पर शशांक शेखर की पूजा के बाद श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य निर्विघ्न फलीभूत होगा।

उन्होंने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आते पर कोरोना संकट के चलते हर जगह भीड़-भाड़ की आशंका उन्हेंं अयोध्या आने से रोक रही है।श्री रामजन्मभूमि परिसर में कुबेर टीले पर बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास भगवान शिव रुद्राभिषेक करेंगे। इसी बीच पीएम नरेंद्र मोदी को श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य के शिलान्यास का न्यौता भी दिया जा चुका है ।

ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंका विजय के पहले रामेश्वरम में शिव की आराधना की थी, उसी विरासत के अनुरूप रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से पूर्व शिव की आराधना संपन्न की गई । आज के इस शिवलिंग पूजन को लेकर उत्साहित कमलनयनदास के अनुसार इसके पीछे मकसद भव्य राममंदिर निर्माण से पूर्व भूतभावन भगवान शिव को प्रसन्न करना है।

अयोध्या में जल्द राम मंदिर का निर्माण तो नहीं लेकिन शिलान्यास समारोह की तारीख तय हो सकती है। ऐसे में माना जा रहा है देश में कोरोना संक्रमण के हालातों को ध्यान में रखते हुए इस पखवाड़े तो श्रीराम लला के नवल मंदिर निर्माण के शिलान्यास के आसार तो नहीं हैं। माना जा रहा देवशयन एकादशी के मुहूर्त पर शिलान्यास समारोह हो सकता है।

ऐसे में बहुत मुमकिन है कि देवताओं के शयन से ऐन पहले अयोध्या में शिलान्यास का सूर्य उदित होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास से जुड़े लोगों ने बताया कि दो जुलाई को देव शयनी एकादशी है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के मुहूर्त में देवताओं की निशा शुरू हो जाती है। इसके बाद फिर चार माह के लिए देवता सो जाते हैं।

ऐसे में आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक देवशयन काल होने से विवाहादि शुभ और नूतन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किए जाते। ऐसे में यहां पर शिलान्यास कार्यक्रम देव शयनी एकादशी में कार्यक्रम रखने की संभावना प्रबल दिखाई दे रही है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी उपस्थित रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

UPDATE BY : ANKITA

TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus (0 )