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32 देशों के 239 वैज्ञानिकों की रिसर्च का दावा-हवा से भी फैलता है कोरोना

32 देशों के 239 वैज्ञानिकों की रिसर्च का दावा-हवा से भी फैलता है कोरोना

WHO कहता आया है कि कोरोनावायरस से फैल रही कोविड-19 महामारी का वायरस एक व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान उसके नाक और मुंह से निकले हुए ड्रॉपलेट्स के जरिए दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करता है. WHO कोरोनावायरस के हवा से फैलने के दावों को खारिज करता रहा है. उसका कहना है कि वायरस बड़े कणों से फैलता है और इसके कण इतने हल्के नहीं हैं कि वो हवा के साथ एक जगह से दूसरी जगह पहुंच पाएं. यहां तक कि संगठन की ओर से 29 जून को जारी किए गए कोरोनावायरस के लेटेस्ट अपडेट भी यही कहा गया है कि हवा से वायरस फैलना aerosols पैदा करने वाले मेडिकल प्रोसिजर या फिर 5 माइक्रॉन्स (एक मीटर का एक लाखवां हिस्सा) से भी छोटे ड्रॉपलेट से ही संभव हो सकता है|

लेकिन अब इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 32 देशों से 239 वैज्ञानिकों ने अपनी खुली चिट्ठी में कहा है कि हवा में मौजूद वायरस के छोटे कणों से से भी संक्रमण फैल सकता है. उन्होंने इसके लिए सबूत भी पेश किए हैं. रिसर्चर्स की योजना इस स्टडी को अगले हफ्ते साइंस जर्नल वीक में छापने की है|

साथ ही 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोनावायरस हवा से भी फैल सकता है. यानी कि हवा में मौजूद सूक्ष्मतम वायरस से भी संक्रमण फैल सकता है. New York Times में शनिवार को एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें बताया गया है कि 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने World Health Organization (WHO) को एक खुली चिट्ठी लिखकर इस वायरस के हवा के जरिए फैलने का दावा किया और संगठन से अपने रिपोर्ट और नियमों में बदलाव करने को कहा है|

UPDATE BY : ANKITA

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