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लखनऊ: मास्क के प्रयोग पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश

लखनऊ: मास्क के प्रयोग पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश

देश भर में महामारी कोरोना के चलते सभी को सोशल डिस्टन्सिग और मास्क का प्रयोग करना जरूरी है इस से आप खुद तो सुरक्षित है ही लेकिन आपके आस-पास के लोग भी सुरक्षित है| सोशल डिस्टन्सिंग,मास्क ही आपको कोरोना से बचा सकता है कोरोना देश भर मे बहुत तेज़ी से अपने पैर पसारता हुआ नज़र आ रहा है| कोरोना महामारी के चलते सभी राज्य सरकारों ने अलग अलग कदम भी उठाए है जिस से कोरोना से जंग जीती जा सके|

मुख्य सचिव ने रविवार को लोकभवन में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए। उन्होंने जागरूकता कार्यों में स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यापार मंडलों का सहयोग लेने तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने को कहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि मेरठ मंडल में जुलाई के प्रथम सप्ताह में एक विशेष कार्यक्रम के तहत डोर-टू-डोर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी|

प्रदेश सरकार सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क के प्रयोग को लेकर सख्ती और जागरूकता अभियान और तेज करेगी। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस कार्य में आम लोगों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें इस वायरस से बचाव के लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए जागरूक करने का लगातार प्रयास किया जाए। साथ ही मजिस्ट्रेट व पुलिस के वाहनों से व्यस्त चौराहों व बाजारों में पेट्रोलिंग कर सोशल डिस्टेसिंग तथा मास्क के प्रयोग का अनुपालन कड़ाई से करने को कहा है।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को शत-प्रतिशत घरों की स्क्रीनिंग का कार्य तय समय में पूरा कराने के लिए रणनीति समय से तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इसके लिए जिले में रैपिड रेस्पांस टीम व एंबुलेंस को तैयार रखने को कहा है, जिससे सूचना प्राप्त होते ही कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। मेडिकल स्क्रीनिंग के समय पल्स पोलियो अभियान की तरह घरों की मार्किंग की जाएगी। मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाने पर उसका पल्स आक्सीमीटर तथा रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा। 

30 जून तक टेस्टिंग की तेज़ी 25 हज़ार होगी मुख्य सचिव ने जिलों में अधिकतम संख्या में सैम्पल टेस्टिंग कर संक्रमित व्यक्तियों की तेजी से पहचान कर आइसोलेट करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सर्विलांस टीम की दिन-प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी एप अथवा पोर्टल के माध्यम से करने तथा प्रदेश में 30 जून तक टेस्टिंग क्षमता 25 हजार सुनिश्चित करने को कहा है। 

UPDATE BY : ANKITA

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