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पंचायत चुनाव पर कोविड-19 का ग्रहण चुनाव टलेंगे तैनात होंगे प्रशासक, मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम निर्णय

उत्तर प्रदेश/ पंचायत चुनाव: देश मे इस समय कोरोना महामारी के चलते तैयारियां न हो पाने के कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाएंगे। प्रदेश में पंचायत चुनाव वर्ष 2021 में होने की संभावना की जा रही है। ग्राम पंचायत में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), क्षेत्र पंचायत में उप जिलाधिकारी और जिला पंचायत में जिलाधिकारी को प्रशासक बनाने की तैयारी हैं। पंचायती संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनमें प्रशासक तैनात किये जायेंगे।
“पंचायत चुनाव टालने व प्रशासक नियुक्ति के सम्बंध में अंतिम निर्णय लेंगे मुख्यमंत्री” -भूपेन्द्र सिंह चौधरी, पंचायतीराज मंत्री,उत्तर प्रदेश


उत्तर प्रदेश पंचायतीराज मंत्री का कहना है कि “अभी चुनाव स्थगित करने का फैसला नहीं हुआ है। कोरोना के कारण तैयारियां पिछड़ी जरूर हैं, लेकिन अभी हमारे पास समय है। यदि संक्रमण के हालात शीघ्र नियंत्रण में आ गए तो चुनाव की तैयारी प्रारंभ कर दी जाएगी। हालात जल्द नहीं सुधरे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष पूरा मामला रखा जाएगा। चुनाव टालने व पंचायती संस्थाओं में प्रशासक की नियुक्ति के संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री ही लेंगे।”

“ग्राम पंचायत में एडीओ, क्षेत्र पंचायत में एसडीएम, जिला पंचायत में डीएम होंगे प्रशासक”
उत्तर प्रदेश में चुनाव इसी साल के आखिर तक होने थे। चुनाव की तैयारियां में कम से कम 6 महीने लगते हैं। वर्ष 2015 में इन चुनाव के लिए फरवरी-मार्च से ही तैयारी प्रारंभ हो गई थी। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड) निर्धारण की सारणी 16 मार्च को जारी कर दी गई थी। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। 4 अप्रैल को इसका संशोधित कार्यक्रम जारी हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायतों की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का कार्यक्रम 18 मई से प्रारंभ कर दिया था। लेकिन इस बार कोविड-19 के चलते मार्च से चुनाव की तैयारी शुरू नहीं हो पाईं। जैसे हालात दिख रहे हैं उनके हिसाब से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव इस बार एक साथ हो सकते हैं। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण व परिसीमन की प्रक्रिया अटकी हुई हैं क्योंकि 25 मार्च कर बाद सभी कार्यलय के कामकाज ठप्प पड़े रहे। इसके बाद से सभी जिले व अधिकारी कोरोना संक्रमण के रोक- थाम में जुटे हैं। इसमें पंचायतीराज विभाग भी कोरोना संक्रमण में बचाव व राहत कार्य में शामिल है। इसलिए न तो वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण हो पाया है और न ही अभी तक पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो पाई है। जबकि 2015 में 9 अक्तूबर से 9 दिसंबर तक हुए थे चुनाव 2015 में क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव 4 चरणों में 9 से 29 अक्तूबर के बीच हुए थे। इसके लिए 21 सितंबर को अधिसूचना जारी की गई थी। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव भी 4 चरणों में 28 नवंबर से 9 दिसंबर के बीच हुए थे। इसकी अधिसूचना 7 नवंबर को जारी हुई थी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि अभी तैयारी शुरू भी हो जाए तो भी नियत समय में चुनाव प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है। जबकि अभी तैयारी प्रारंभ करने के हालात भी नहीं है। इस स्थिति में सम्भवतः यह पंचायत चुनाव अब तो 2021 में ही हो पाएगा।

“उत्तर प्रदेश से अभिषेक दुबे शिवम की रिपोर्ट।”

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