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जाने अनुछेद 370 पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का रुख

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के मोदी सरकार के फैसले को विश्व मीडिया ने बड़ा कदम बताया। वहीं पाकिस्तान विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर आज भी अंतरराष्ट्रीय कानून की नजर में एक विवादास्पद क्षेत्र है।

जाने दुनिया भर की मीडिया इस विषय को कैसे देख रही है-
द यूरएशियन टाइम्स (ईटी न्यूज) के मुताबिक, पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री इमरान खान ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन और मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर बिन मोहम्मद से फोन पर बात भी की। इमरान खान ने दावा किया कि तुर्की इस मामले में पाकिस्तान के साथ है।
तुर्की की समाचार एजेंसी अनादुल ने तुर्की के राष्ट्रपति से इमरान खान के बात करने की खबर को प्रमुखता से वेबसाइट पर जगह दी है। अनादुल में छपे एक लेख के मुताबिक, कश्मीर पर भारतीय कदम के भयानक नतीजे होंगे।
तुर्की की दूसरी न्यूज एजेंसी डीएचए (DHA) के मुताबिक, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने दोनों देशों से बातचीत के जरिए मुद्दा सुलझाने के लिए कहा है। गौरतलब है कि कश्मीर मसले पर तुर्की हमेशा से पाकिस्तान के साथ रहा है।
मलयेशिया की समाचार वेबसाइट बरनामा में भी खबर छपी है कि तुर्की और पाकिस्तानी नेताओं ने कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की।
खलीज टाइम्स एक खबर में लिखता है, ”अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में बेचैनी भरी शांति है। एक दूसरी खबर में खलीज टाइम्स लिखता है कि अमेरिका ने कश्मीर मुद्दे पर अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
तुर्की की हुर्रियत डेली न्यूज के मुताबिक, भारत सरकार के इस कदम से मुस्लिम बहुल कश्मीर की डेमोग्राफी को हिंदू आबादी में बदलने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने कश्मीर मुद्दे पर संपादकीय टिप्पणी प्रकाशित की है, जिसका शीर्षक है- कश्मीर में बस्तियां बसाने का भारतीय प्रोजेक्ट खतरनाक मोड़ पर…।
गल्फ न्यूज में अनुच्छेद 370 और कश्मीर मुद्दे को कई खबरों में समझाया गया है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित खबर का शीर्षक था- कश्मीर को दी दशकों पुरानी स्वायत्तता को भारत ने खत्म किया, पाकिस्तान ने दी चेतावनी
‘द डॉन’ एक खबर में अमेरिका के बयान को शीर्षक बनाता है- कश्मीर में उठाए कदमों को भारत ने बताया आंतरिक मसला।
द गार्डियन ने लिखा कि भाजपा हमेशा से ही कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने की बात कहती रही है। लेकिन, यह पहली बार है कि कोई मजबूत प्रस्ताव पटल पर रखा गया है।
सीएनएन ने मोदी सरकार के फैसले पर कहा- भाजपा ने कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ गठबंधन खत्म कर दिया था। इसके बाद से राज्य में राज्यपाल शासन लागू हुआ, इसके बाद से कश्मीर का शासन सीधे केंद्र सरकार के हाथों में चला गया।
जियो टीवी ने बताया कि कश्मीर को मिले विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज हो गई है।

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