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कांग्रेस का बीजेपी पर वार-नोटबंदी की तरह बिना योजना के हुआ लॉकडाउन, करोड़ों नौकरी गईं

कांग्रेस का बीजेपी पर वार-नोटबंदी की तरह बिना योजना के हुआ लॉकडाउन, करोड़ों नौकरी गईं

कोरोना लॉकडाउन पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने लॉकडाउन किए जाने पर कहा है कि बिना सोचे-समझे और बिना योजना के फैसला लेने से नुकसान सिर्फ मौद्रिक नहीं होता है.

कांग्रेस ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नोटबंदी की तरह लॉकडाउन से भारत का काफी नुकसान हुआ है. कांग्रेस ने कहा है कि 14 करोड़ से अधिक लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं. आने वाले हफ्तों में लाखों के नौकरी जाने की आशंका है, क्या भाजपा सरकार के पास उनकी मदद करने की योजना है?

इससे पहले,कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. साथ ही सुझाव भी दिए. कपिल सिब्बल ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद एक नया हिन्दुस्तान बनाने की चुनौती है. उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री जी से आग्रह करूंगा कि जो कल की बातें हैं, CAA, NRC की बातें हैं…छोड़ो कल की बातें…कल की बात पुरानी. अब नया दौर है…कोविड 19 के बाद एक नया दौर शुरू हुआ है. प्रधानमंत्री उन बातों पर गौर करें जहां विपक्ष, सत्ता पक्ष और सब मिलकर देश को आगे बढ़ाने पर काम करें.”

पूर्व कानून मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन कानून के तहत एक नेशनल प्लान बनाया जाए. उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि है सरकार को लॉकडाउन के ऊपर विचार करना चाहिए. सरकार लोगों को लॉकडाउन में और इकोनॉमी को लॉकआउट में नहीं रख सकती है.

कपिल सिब्बल ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 11 कहती है कि पूरे देश के आपदा प्रबंधन के लिए एक योजना बनाई जाएगी. कोविड-19 आया है तो उसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक योजना बनेगी. वो राष्ट्रीय योजना क्या है? 24 मार्च से आज अप्रैल का चौथा हफ्ता हो गया आज भी कोई राष्ट्रीय योजना नहीं है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 20 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, लेकिन आम आदमी के लिए इसका कोई फायगा नहीं हुआ है. केंद्र सरकार कच्चे तेल में कम हुई कीमतों का फायदा जनता को क्यों नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि वित्तीय घाटा बढ़ने वाला है. इसे कौन ठीक करेगा. पैसा कहां से आएगा, सरकार के पास आय का कोई स्रोत नहीं रह गया है. राज्यों को जीएसटी में कोई हिस्सा नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि देश की इन चुनौतियों के बारे में कोई बात नहीं कर रहा है.

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