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आखिर क्यों आनंद महिंद्रा उठाएंगे मजदूर के बेटे की पढ़ाई का खर्च, जानिए क्या है पूरा मामला

आखिर क्यों आनंद महिंद्रा उठाएंगे मजदूर के बेटे की पढ़ाई का खर्च, जानिए क्या है पूरा मामला

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने मजदूर के बेटे की पढ़ाई को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर एक स्टोरी शेयर की और लिखा कि, इस पिता को सलाम! जो अपने बच्चों के लिए सुनहरे भविष्य का सपना देखते हैं। यही ख्वाब एक देश को आगे बढ़ाते हैं। हमारी संस्था आशीष की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाएगी।’

आइए अब आपको बताते हैं कि क्या है पूरा मामला-

जानिए पूरा मामला-

कहते हैं कि पिता एक साये की तरह होता है जो अपने बच्चों को हर हाल में खुश रखना चाहता है। ऐसी ही बात को साबित किया है मध्य प्रदेश के एक पिता ने। दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले में एक पिता ने अपने बेटे को 10वीं कक्षा की पूरक परीक्षा दिलवाने के लिए उसके साथ 105 किलोमीटर का सफर रात में आठ घंटे साइकिल चलाकर तय किया।

46 साल के शोभाराम परिहार 17 अगस्त की रात को अपने गांव धार जिले के बयड़ीपुरा से निकले। वह पर्चे के तय समय से ठीक पहले 18 अगस्त की सुबह अपने बेटे आयुष को लेकर धार जिले के ही भोज कन्या स्कूल पहुंच गए। बताते चलें कि शोभाराम खुद अशिक्षित हैं, लेकिन उनमें बेटे की इच्छा के अनुसार उसे अधिकारी बनाने का जज्बा है।

वहीं, कोरोना के चलते मध्य प्रदेश में बसों व अन्य सार्वजनिक वाहनों का परिचालन बंद है। इस कारण शोभाराम ने पहले तो बेटे को पूरक परीक्षा नहीं दिलवाने का फैसला किया, लेकिन बेटे की जिद व अपने जज्बे के दम पर सोमवार रात 105 किमी लंबे सफर पर वह निकले पड़े। जिस साइकिल से सफर किया वह भी बेटे आयुष परिहार को कक्षा नौवीं में सरकारी योजना के तहत मिली थी। अब आयुष का 24 अगस्त को एक पेपर और होना है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा में जिन विद्यार्थियों को पूरक आई, उनके लिए राज्य सरकार ने ‘रुक जाना नहीं योजना’ शुरू की है।

उधार लिए रूपये-

शोभाराम में बताया उन्होंने एक परिचित से दो हजार रुपये उधार लिए थे। 1500 रुपये बेटे के परीक्षा फॉर्म में लग गए, जबकि 500 रुपये साथ लाए थे।

गांव में नहीं की किसी ने मदद-

शोभाराम ने बताया कि गांव में कोई मदद नहीं करता है। 17 अगस्त की रात करीब 12 बजे वह गांव से धार के लिए बेटे को लेकर निकले थे। रास्ते में कई मुश्किलें आई, लेकिन 18 अगस्त को सुबह 7.45 मिनट पर बेटे को परीक्षा केंद्र पर पहुंचा दिया।

Updated By:- Chhavi Srivastava

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