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पेट्रोल पंपों पर कई दिनों तक मौजूद रहता है कोरोना वायरस

पेट्रोल पंपों पर कई दिनों तक मौजूद रहता है कोरोना वायरस

दुनियाभर के देश कोरोना संक्रमण से परेशान हैं। लाखों की आबादी संक्रमित है और इतने ही इस वायरस की चपेट में आकर अब तक मर भी चुके हैं। तमाम देशों की सरकारों ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की हिदायत दी जिससे वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

इन सबके बावजूद कुछ जगहें ऐसी रही जिसे जरूरी सेवाओं में रखा गया और वो सब हर स्थिति में खुले रहे। अब इन खुली रहने वाली चीजों से भी वायरस का संक्रमण फैलने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसी के साथ इन जगहों पर वायरस के अधिक देर तक ठहरने की बात कही जा रही है जिसमें सबसे अधिक खतरा पेट्रोल पंपों से बताया जा रहा है। बीबीसी में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वायरोलॉजिस्ट डॉ. जॉय ग्रोव के हवाले से ऐसी एक खबर कैरी की गई है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वायरोलॉजिस्ट डॉ. जॉय ग्रोव के मुताबिक, किसी धातु या प्लास्टिक से बनी सतह पर वायरस कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। सार्वजनिक जगहों पर लोगों के जमा होने पर रोक है लेकिन पेट्रोल पंप खुले हैं, इस वजह से अब ऐसे दावे सामने आ रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि पेट्रोल पंप पर ”वायरस कई दिनों तक मौजूद रह सकता है” इस वजह से संक्रमण फैलने का खतरा भी अधिक हो जाता है।

पेट्रोल पंप लगातार खुले हैं। सरकार ने पेट्रोल पंप को जरूरी सेवाओं की कैटेगरी में रखा है। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने 19 अप्रैल को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था कि देशभर में किसी भी पेट्रोल पंप पर मास्क न पहनने वाले किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। संक्रमण से बचने के लिए पेट्रोल पंप पर बिना मास्क के आने वालों को पेट्रोल न देने का फैसला भी लिया गया है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी कोरोना संक्रमण के शिकार हुए थे, उसके बाद वो कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे फिर ठीक होकर वापस लौटे थे। बोरिस के अपने सहायक डॉमिनिक कमिंग्स से संक्रमित होने की बात कही गई थी।

दरअसल, डॉमिनिक कमिंग्स लॉकडाउन के दौरान लंदन से दरहम की दोतरफा यात्रा करने का आरोप था और कहा गया था कि उन्होंने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया है। साथ ही यह भी सवाल उठे थे क्या वो इस यात्रा के दौरान किसी सर्विस स्टेशन पर रुके हैं? हालांकि, डॉमिनिक ने आरोपों को खारिज किया था।डॉ ग्रोव ने कहा कि वो डॉमिनिक के मामले में कुछ भी नहीं कह सकते, क्योंकि संक्रमण का स्तर व्यक्ति दर व्यक्ति अलग होता है, लेकिन सर्विस स्टेशन जैसी जगहों पर वायरस कुछ समय तक रह सकता है जो कि चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के हाथों में वायरस है तो ऐसी जगहों पर वायरस के रह जाने का खतरा काफी है। यानि अगर कोई व्यक्ति किसी धातु या प्लास्टिक से बनी चीज को छूता है तो वायरस उसके हाथों से उस चीज पर जा सकता है और वहां कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। इससे दूसरों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।

कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए भारत और ब्रिटेन समेत दुनियाभर के देशों में लॉकडाउन लागू किया गया। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई और सार्वजनिक जगहों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। फिलहाल कई देशों ने अपने यहां लॉकडाउन में ढील दी है और कुछ देश इसकी योजना पर काम कर रहे हैं, लेकिन अधिकतर जगहों पर लोगों के बड़ी संख्या में जमा होने पर रोक है। डॉ. ग्रोव का कहना है कि इस महामारी के दौरान लोगों को सतर्कता बरतने की सख्त जरूरत है। सरकार लॉकडाउन को सफल बनाने की कोशिशें करे और बेहतर उदाहरण पेश करे।

विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल पंप या दूसरी किसी सार्वजनिक जगह पर ऐसी चीजों के संपर्क में आने से बचें जिन्हें दूसरे लोग छूते हैं। अगर आप ऐसी किसी चीज को छूते हैं तो खुद को सैनिटाइज जरूर करें। हाथ बिना धोए अपनी आंख, नाक या मुंह को न छुएं। सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें या साबुन से अपने हाथ धोएं।

भारत में 24 मार्च से लॉकडाउन लागू है फिलहाल इसका चौथा चरण चल रहा है जो 31 मई तक लागू रहेगा। जिस तरह से देश में कोरोना से संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है उसको देखकर ये लगता है कि राज्य अपने हिसाब से लॉकडाउन का पांचवा चरण भी लागू करेंगे। इसे और भी आगे बढ़ाया जा सकता है, क्योंकि देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक संक्रमण के कुल मामले एक लाख 31 हजार से अधिक पहुंच चुके हैं।

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