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नव दुर्गा के पांचवे स्वरुप माता स्कंद के दर्शन ||

नव दुर्गा के पांचवे स्वरुप माता स्कंद के दर्शन ||

नव दुर्गा के पांचवे स्वरुप माता स्कंद के दर्शन ||

बल बुद्धि ज्ञान और पुत्र प्राप्ति के लिए मां के पांचवे स्वरुप स्कंदमाता का की जाती है आराधना ||

वाराणसी सें सुमित कौशिक की रिपोर्ट ||

वाराणसी:- शारदीय नवरात्र के पांचवे दिन देवी नवदुर्गा के पांचवें स्वरूप माँ स्कंदमाता के दर्शन का विधान है। वाराणसी के जैतपुरा क्षेत्र में माँ स्कंदमाता बागेश्वरी देवी के रूप में विद्यमान है। यहाँ माँ स्कंदमाता का बागेश्वरी रूपी भव्य मंदिर मंदिर अति प्राचीन है रात्री से ही यहाँ माँ के दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ती है माँ स्कंदमाता रूपी बागेश्वरी को विद्या की देवी माना जाता है। इसलिए यहा छात्र भक्तो की खासी भीड़ रहती है यहाँ माँ को नारियल चड़ाने का विशेष महत्व है माँ को चुनरी के साथ लाल अड़हुल की माला व मिष्ठान भी भोग लगाया जाता है जिससे माँ अपने भक्तो को सदबुद्धि व विद्या के अनुरूप वरदान देती है।

स्कंदमाता बागेश्वरी रूपी दुर्गा मंदिर सैकड़ो वर्षो से वाराणसी के भक्तो की आस्था का केंद्र रही है। शारदीय नवरात्र में इनके दर्शनों का विशेष महत्व है। इसी समय भक्त माँ के दर्शनों व पूजन करते है और माँ स्कंदमाता रूपी बागेश्वरी जी उनकी मनोकामना पूर्ण करती है। कोई अपने लिए विद्या मांगता है तो कोई नौकरी मांगत है  नवरात्र के दिनों में भक्त माँ के दर्शन करते है और और उनसे अपनी मन की इक्षा जाहिर करते है और माँ भी अपने भक्तो की कामना पूर्ण करती है।

बाइट:- मीना देवी, मंदिर पुजारी ||

Update by : Anjali Chauhan

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