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कोविड-19 के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज सायं मंडलायुक्त/अपर पुलिस महानिदेशक/जिलाधिकारी/आईजी/पुलिस कप्तान/सीएमओ/नगर आयुक्त आदि के साथ  की वृहद समीक्षा

कोविड-19 के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज सायं मंडलायुक्त/अपर पुलिस महानिदेशक/जिलाधिकारी/आईजी/पुलिस कप्तान/सीएमओ/नगर आयुक्त आदि के साथ की वृहद समीक्षा

कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत कोविड टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार है। कोविड टीका ले चुके लोगों में संक्रमण का असर हल्का है। अतः यह आवश्यक है कि अधिकाधिक लोगों का कोविड टीकाकरण हो। एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाना है, सभी जिला प्रशासन इस संबंध में आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं।*

होम आइसोलेशन में इलाजरत मरीजों को समय से पर्याप्त मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मरीजों से हर दिन संवाद बनाए जाए। दवाओं का कोई अभाव नहीं है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर तत्काल शासन को अवगत कराएं। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित कराएं कि जो लोग होम आइसोलेशन अथवा क्वारन्टीन हैं, वह नियत समय तक इस व्यवस्था का पालन करें। संक्रमण को न्यूनतम रखने के लिए इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करना आवश्यक है।

जनपद मेरठ, गोरखपुर, झांसी, बरेली, बलिया, जौनपुर, गोरखपुर, गाजीपुर जिलों में पॉजिटिविटी दर अधिक है। यहां प्रवासी श्रमिकों का भी आगमन हो रहा है। इसके दृष्टिगत यहां विशेष सतर्कता की जरूरत है। निगरानी समितियों को प्रभावी कर प्रवासी श्रमिकों के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इन्हें आवश्यकतानुसार क्वारन्टीन किया जाए। सभी जिलों में बेड्स बढ़ाये जाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। संबंधित मंडलायुक्त इसकी मॉनिटरिंग करते रहें।

गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर सहित सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी जगह औद्योगिक गतिविधियां संचालित होती रहें। श्रमिकों की जरूरतों का ध्यान रखा जाए।

ऑक्सीजन की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सभी जिलाधिकारीगण इस संबंध में लगातार स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से संपर्क में रहें। किसी भी जनपद में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

जनपदों में तैनात अधिकारीगण संबंधित प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन प्राप्त करते रहें।

खाली बेड की अद्यतन जानकारी नियमानुसार सार्वजनिक की जाए। एक भी मरीज बेड के अभाव में परेशान न हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।

अनावश्यक भय का माहौल बनाने वालों, अफवाह फैलाने वालों, जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के मंत्र को समझें। कोविड से लड़ाई में यह अति महत्वपूर्ण है। सभी जिलों में टेस्टिंग को बढ़ाया जाए। क्वालिटी टेस्टिंग सुनिश्चित किया जाए।

मास्क, ग्लव्स की अनिवार्यता प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए। जागरूकता भी बढ़ाएं साथ ही प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

पुलिस द्वारा कंटेनमेंट जोन के प्राविधानों को सभी जनपदों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इस कार्य में सिविल डिफेंस, एनसीसी और एनएसएफ का सहयोग भी लिया जाए। लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक किया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने और मास्क का अनिवार्य उपयोग करने की जानकारी देने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाए।

शुक्रवार रात्रि 08 बजे से सोमवार प्रातः 07 बजे तक के कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी बनाया जाए। इस अवधि में व्यापक स्वच्छता और सैनिटाइजेशन की कार्यवाही हो। दैनिक कोरोना कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाए। इस अवधि में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती रहें। हम हर प्रदेशवासी की जीवन और जीविका दोनों सुरक्षित करने के लिए संकल्पित हैं।

कोविड संक्रमित व्यक्ति की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के उपरांत उनका अंतिम संस्कार सम्मानजनक ढंग से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कराया जाए। एक भी नागरिक की मृत्यु दुःखद है, यह प्रदेश की क्षति है। उनके परिजनों के साथ यथोचित सम्मान के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

कोविड से सम्बंधित सेवा कार्य में संलग्न कार्मिकों के देहांत के उपरांत शासन द्वारा नियमानुसार देय सहायता राशि के भुगतान में विलंब न हो। ऐसे प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जाए।

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