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किसानों की समस्या पर भारी गन्ना विभाग की मगजमारी

किसानों की समस्या पर भारी गन्ना विभाग की मगजमारी

गन्ना विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दे रहे किसानों को धोखा
जहां एक और उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए अपनी शक्ति में कोई भी ढील देना नहीं चाह रही है तो वहीं दूसरी ओर गन्ना पर्यवेक्षक और गन्ना विभाग के अधिकारीगण सरकार की मंशा और उसकी प्राथमिकताओं की किरकिरी करने में जुटे हैं जब अधिकारी किसानों के शोषण में जुटे हैं तो विकासखंड पर तैनात राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक भी किसानों के शोषण में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं अब बात यहां तक बढ़ चुकी है कि सरकार द्वारा जारी र सीटों पर रसीद काटकर किसानों का शोषण किया जाता है शोषण होने के बाद जब किसान को पता चलता है क्यों उसके पैसे राठौर मगजमारी में चले गए हैं गन्ना विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटते काटते किसान तो परेशान हो जाता है परंतु गन्ना विभाग के अधिकारियों की उदासीनता में कोई कमी नहीं आती है और अधिकारीगण किसानों की समस्या का शीघ्र निदान होने का आश्वासन देते रहते हैं मामला पेराई सत्र 2018-2019 का है हुजूरपुर क्षेत्र के राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक अनिल कुमार श्रीवास्तव द्वारा किसानों से परिचय बढ़ाकर अतिरिक्त सट्टा बढ़ाने के नाम पर दो रुपए प्रति कुंतल की दर से समिति द्वारा जारी की गई रसीदें काटकर बॉन्डिंग की गई थी परंतु रस्सी दो द्वारा प्राप्त पैसा और समिति की वापसी रसीद बुक को समिति कार्यालय में जमा नहीं किया गया था जब किसानों ने इसकी शिकायत समिति कार्यालय में करनी शुरू की तू अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनने से इनकार करते हुए दोषी सुपरवाइजर से जाकर मिलने की बात कही जबकि पैसा गबन करने के साथ ही अधिकारियों की मिलीभगत से सुपरवाइजर अनिल कुमार श्रीवास्तव का स्थानांतरण गन्ना विकास परिषद चिलवरिया से गन्ना विकास परिषद जरवल रोड कर दिया गया दूसरी सुपरवाइजर ने फ्रॉड और मगजमारी करके बहुत से किसानों से व्यवहार मैं भी तमाम पैसे ले लिए स्थिति यह है कितनी फ्रॉड और मगजमारी करने के बाद भी सुपरवाइजर अनिल कुमार श्रीवास्तव के ऊपर न तो कोई विभागीय कार्यवाही की गई है और ना ही उसे कोई भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है बल्कि पारितोषिक स्वरूप उसको पदोन्नति देने की कार्य योजना तैयार की गई है किसान मूर्खों की तरह दौड़ता कार्यालयों के चक्कर काट रहा है अधिकारी अपने कार्यालय में बैठे हैं और किसानों के साथ 420 और धन उगाही करने वाला सुपरवाइजर पूरे ठाट और बाट के साथ निडर होकर अपनी नौकरी कर रहा है
यदि यही स्थिति बरकरार रही तो किसान एक दिन गन्ने की खेती करना बंद कर देगा मामला चाहे जो भी हो लेकिन अगर गन्ना विकास विभाग में इसी तरह से मगजमारी धन उगाही हीला हवाली और किसानों के पलीता लगाने का कार्यक्रम जारी रहा तो किसानों की आय दोगुनी नहीं बल्कि कुछ ही दिनों में शून्य हो जाएगी

रिपोर्ट:(बहराइच) ब्यूरो चीफ अरुणेंद्र प्रताप सिंह

UPDATE BY : ANKITA

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