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काशी के घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, गंगा में डुबकी लगाकर सूर्य की उपासना

वाराणसी : मकर संक्रांति का पावन पर्व वाराणसी में धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा रहे हैं, साथ ही सूर्य की उपासना कर रहे हैं। सुबह-सुबह गंगा घाटों पर तो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा घाट पर स्नान करने के बाद महिलाओं ने खिचड़ी दान की। वहीं, लड्डू गोपाल को चंदन का टीका भी लगाया है।

श्रद्धालुओं के लिए दशाश्वमेध मार्ग स्थित खिचड़ी बाबा मंदिर पर प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं ने मलइयो का भी आनंद लिया। वाराणसी के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमडी है। शीतला घाट और दशाश्वमेध घाट पर लोग गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। बनारस में मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जा रही है। यह त्योहार तिलकुट की खुशबू संग गजक की मिठास, रंग-बिरंगी पतंगें और दान पुण्य का साथ। लाई ढूढ़ा और दही चूड़ा का स्वाद याद दिलाता है।

वाराणसी में मकर संक्रांति पर लोग गंगा में स्नान कर रहे हैं। घर के बड़े बुजुर्ग जहां दान पुण्य में व्यस्त हैं, वहीं छोटे बच्चे अपनी पतंगों को लेकर उसे आसमान की उचांइयों में पहुंचाने में मशगूल हो गए हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर बहन, बेटियों को खिचड़ी पहुंचाने के लिए लोग विभिन्न साधनों से जा रहे हैं। बस स्टेशनों पर ऐसे लोगों की भीड़ रही। शहर के छोटी बड़ी हर बाजार में जगह-जगह लाई, चूड़े की दुकानें रात तक सजी रहीं। जहां लाई, चूड़ा, तिलवा, गुड़ और चीनी की पपड़ी, गट्टा की खरीदारी के लिए ग्राहकों का तांता लगा रहा। वहीं पतंग बाजार में भी पूरे दिन बच्चों से लेकर युवाओं की भीड़ रही।

पतंग बाजार में छाई रहीं रौनक
मकर संक्रांति को लेकर बुधवार को पतंग बाजार में दिनभर रौनक छाई रही। इसमें नए साल की बधाई वाले पतंग, चीनी उत्पादों का बहिष्कार करो, आत्मनिर्भर भारत बने, कोरोना से बचें, गो कोरोना गो.., वॉश योर हैंड जैसे संदेशों के साथ पतंग बाजार में आए हुए हैं।

युवाओं व बच्चों में पतंगबाजी की होड़
भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यस्त लोग भी मकर संक्रांति को पतंगबाजी का आनंद ले रहे हैं। कोरोना के कारण शहर से बाहर रहने वाले लोग भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। इसकी वजह से कई युवाओं ने मकर संक्रांति के पहले ही पतंगबाजी के हुनर को दिखा रहे हैं। गंगा पार रेती पर पतंगबाजी खूब हो रही है।

घरों में दान पुण्य की तैयारी
मकर संक्रांति पर दान पुण्य का विशेष महत्व है। इसको देखते हुए घरों में बुजुर्ग महिलाओं ने सुबह स्नान के बाद दान पुण्य के लिए सामानों की तैयारी की, जिसे वो स्नान के बाद गरीबों व पंड़ितों को दान करेंगी।

चल रहा दही चूड़ा का दौर
मकर संक्रांति पर समाज के विभिन्न धर्मों से जुड़े लोगों के यहां अलग-अलग परंपराएं प्रचलित है। वहीं कुछ घरों में मकर संक्रांति पर दही चूड़ा खाने की परंपरा है। इसको देखते हुए बाजारों में दूध और दही की मांग भी बढ़ गई है। 

जरूरतमंदों को खिलाई खिचड़ी
ऊर्जा महिला संगठन की ओर से मकर संक्रांति के अवसर पर सोनिया स्थित झूलेलाल मंदिर में खिचड़ी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

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